गिरिडीह : अवैध खनन का खूनी साम्राज्य, विरोध करने पर ग्रामीण की हत्या, भाजपा नेता समेत 7 पर केस, प्रशासन पर उठे सवाल

Giridih: धनवार थाना क्षेत्र के खैरीडीह गांव में अवैध पत्थर खनन के खिलाफ उठी आवाज को बेरहमी से कुचल दिया गया. बुधवार...

Giridih: धनवार थाना क्षेत्र के खैरीडीह गांव में अवैध पत्थर खनन के खिलाफ उठी आवाज को बेरहमी से कुचल दिया गया. बुधवार रात हुए इस सनसनीखेज घटनाक्रम में 55 वर्षीय रफीक मियां की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई, जबकि उनके चचेरे भाई सुफेद अंसारी को गंभीर रूप से घायल कर दिया गया. इस मामले में भाजपा के ग्रामीण जिला उपाध्यक्ष उदय कुमार सिंह समेत सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. अन्य आरोपियों में सनाउल्लाह अंसारी, जियाउल्लाह अंसारी, अयूब अंसारी, सुफैद आलम, अनसारुल और आलम मियां शामिल हैं. केस मृतक की पत्नी हसीना खातून के आवेदन पर दर्ज किया गया है.

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रफीक मियां लंबे समय से इस अवैध खेल का विरोध कर रहे थे

ग्रामीणों का आरोप है कि खैरीडीह स्थित एमएस वारिस स्टोन माइंस की लीज अवधि पांच साल पहले समाप्त हो चुकी है, इसके बावजूद यहां खुलेआम अवैध खनन जारी है. स्थानीय लोगों की जमीन को जबरन डंपयार्ड में तब्दील कर दिया गया है. रफीक मियां लंबे समय से इस अवैध खेल का विरोध कर रहे थे और यही विरोध उनकी मौत की वजह बन गया. घटना की रात रफीक मियां अपनी पत्नी के साथ खनन रोकने पहुंचे थे. आरोप है कि वहां मौजूद लोगों ने पहले गाली-गलौज की और फिर सुनियोजित तरीके से उन पर हमला कर दिया. सनाउल्लाह और अयूब अंसारी ने उन्हें पकड़ लिया, जबकि जियाउल्लाह अंसारी ने धारदार हथियार से उनके गले पर वार कर उनकी हत्या कर दी. बीच-बचाव करने पहुंचे सुफेद अंसारी को भी बुरी तरह पीटकर अधमरा कर दिया गया.

परिजनों ने कहा- पहले भी कई बार मिल चुकी थी धमकी

परिजनों का कहना है कि लंबे समय से रात के अंधेरे में बिना चालान 70-80 हाइवा पत्थरों की निकासी की जा रही थी. रफीक मियां इस अवैध कारोबार के खिलाफ डटकर खड़े थे, जिसके कारण उन्हें पहले भी जान से मारने की धमकियां मिल चुकी थीं. घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. सभी आरोपी फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं. थाना प्रभारी ब्रजेश कुमार ने बताया कि सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी गई है.

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नामजद आरोपी उदय कुमार सिंह ने खुद को बताया निर्दोष

वहीं, नामजद आरोपी उदय कुमार सिंह ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि घटना के समय वे अपनी बेटी के तिलक समारोह में थे और उन्हें साजिश के तहत फंसाया जा रहा है. बताया जा रहा है कि उदय सिंह नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल के करीबी माने जाते हैं, जिससे इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है. घटना के बाद गांव में भारी आक्रोश और मातम का माहौल है. ग्रामीणों ने प्रशासन पर अवैध खनन पर लगाम लगाने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की है. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है.

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