Ranchi: सफायर इंटरनेशनल स्कूल के सातवीं कक्षा के छात्र विनय महतो हत्या मामले में सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट के खिलाफ विनय के पिता मनबहाल महतो ने प्रोटेस्ट याचिका दाखिल की है. याचिका सीबीआई के विशेष न्यायिक दंडाधिकारी सह एसडीजेएम रूपम स्मृति टोपनो की अदालत में दाखिल की गई है. इस पर शुक्रवार को सुनवाई होगी.
नोटिस के बाद याचिका
अदालत ने मनबहाल महतो को नोटिस जारी कर कहा था कि यदि वे सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट के खिलाफ अपना पक्ष रखना चाहते हैं, तो 15 जून तक अपना पक्ष रख सकते हैं. अदालत के उस नोटिस के बाद मनबहाल महतो ने प्रोटेस्ट याचिका दाखिल की है.

हादसे की जताई संभावना
सीबीआई ने इस मामले में विशेष अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर कहा था कि किसी भी व्यक्ति की संलिप्तता या हत्या की साजिश का कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला है. सीबीआई ने इसे ‘एक्सीडेंटल डेथ’ यानी हादसा होने की संभावना जताई है. अदालत से क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार करने का अनुरोध अनुसंधानकर्ता द्वारा किया गया था. सीबीआई ने चार वर्ष से अधिक समय तक सभी तकनीकी और वैज्ञानिक पहलुओं की जांच के बाद इस मामले में क्लोजर रिपोर्ट दायर की थी.
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हाईकोर्ट के आदेश पर जांच
दरअसल, विनय महतो के पिता मनबहाल महतो ने इस हत्याकांड की सीबीआई जांच को लेकर झारखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जुलाई 2022 में जांच सीबीआई को सौंप दी थी. इसके बाद सीबीआई ने मामले में अनुसंधान शुरू करते हुए सभी वैज्ञानिक और तकनीकी पहलुओं पर जांच की थी. घटनास्थल का कई बार पुनर्निर्माण (रिक्रिएशन) किया गया था और स्कूल के सीसीटीवी कैमरों का भी गहन अध्ययन किया गया था.
क्लोजर रिपोर्ट में क्या
सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट के अनुसार, 5 फरवरी 2016 की रात 1 बजकर 01 मिनट 14 सेकंड पर विनय महतो अपने बॉयज हॉस्टल से बाहर निकला था और महज 3 मिनट 48 सेकंड के भीतर, यानी 1 बजकर 05 मिनट 02 सेकंड पर वह स्टाफ क्वार्टर (विंग-ए) से नीचे गिर गया था. रिपोर्ट में सीबीआई ने बताया है कि हॉस्टल और प्रिंसिपल के आवास के बीच लगे कैमरों में विनय का पीछा करता हुआ कोई दूसरा व्यक्ति नजर नहीं आया.
शुरुआती जांच की थ्योरी
स्टाफ क्वार्टर और हॉस्टल के बीच की दूरी लगभग 480 मीटर है. रिपोर्ट में कहा गया है कि इतने कम समय में किसी द्वारा उसे वहां ले जाना या वहां किसी प्रकार का संघर्ष होना उपलब्ध साक्ष्यों से प्रमाणित नहीं होता है. दूसरी ओर, पुलिस ने शुरुआती जांच में स्कूल की एक शिक्षिका के नाबालिग बेटे को आरोपी बनाया था और इसे प्रेम प्रसंग से जुड़ा मामला माना था.
