Gumla: बसिया थाना क्षेत्र के पतूरा पहाड़टोली गांव निवासी 32 वर्षीय शांति देवी की कीटनाशक सेवन करने के बाद समय पर इलाज नहीं मिला, जिससे उसकी मौत हो गयी. घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है. प्राप्त जानकारी के अनुसार घर में भतीजी की शादी-विवाह की तैयारी चल रही थी. इसी बीच महिला ने घर में रखा चूहा मारने वाला कीटनाशक खा लिया. हालत बिगड़ने पर परिजन उसे रेफरल अस्पताल बसिया ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे गुमला रेफर कर दिया गया.
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समय पर मिल जाती एंबुलेंस की सुविधा तो बच जाती जान : परिजन
परिजनों का आरोप है कि इस दौरान 108 एंबुलेंस को करीब 15 बार कॉल किया गया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुआ. उनका कहना है कि एंबुलेंस अस्पताल परिसर में खड़ी थी, लेकिन चालक मौजूद नहीं था और 108 द्वारा फोन भी नहीं उठाया गया. अस्पताल में कार्यरत नर्स और अन्य कर्मचारियों ने भी 108 में कई बार कॉल लगाया लेकिन कॉल रिसीव नहीं किया गया. मजबूरी में परिजन 25 सौ देकर निजी वाहन से महिला को सदर अस्पताल गुमला लेकर पहुंचे. सदर अस्पताल में डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए रिम्स रेफर कर दिया. परिजन जब उसे रिम्स ले जाने लगे, तभी अस्पताल परिसर में ही उसकी मौत हो गई. घटना के बाद परिजनों में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भारी नाराजगी है. उनका कहना है कि यदि समय पर एंबुलेंस की सुविधा मिल जाती, तो महिला की जान बच सकती थी. उन्होंने सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर दावों पर सवाल उठाते हुए व्यवस्था सुधार की मांग की है.
