HAZARIBAGH: झारखंड में जारी प्रचंड गर्मी और 40°C से ऊपर पहुँच चुके तापमान के बीच हजारीबाग नगर निगम के सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा का मुद्दा गरमा गया है. अधिवक्ता विवेक वाल्मीकि ने नगर आयुक्त को एक वैधानिक ज्ञापन सौंपकर भीषण ग्रीष्म लहर को देखते हुए सफाई कर्मियों के ‘कार्य-समय के युक्तिकरण’ की मांग की है.
कानूनी दायित्वों का दिया हवाला
ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और राज्य सरकार का ‘हीट एक्शन प्लान’ एक अनिवार्य वैधानिक दिशा-निर्देश है. अधिवक्ता ने तर्क दिया है कि अत्यधिक तापमान के दौरान श्रमिकों को सीधी धूप में काम कराना श्रम कानूनों और आपदा प्रबंधन अधिनियम का उल्लंघन है. नियोक्ता का यह कानूनी दायित्व है कि वह कर्मचारियों को ‘हीट स्ट्रोक’ जैसी जानलेवा स्थितियों से बचाए.
Also Read: RDBA के उपाध्यक्ष बी के राय का निधन , वकीलों में शोक की लहर
व्यावहारिक समाधान: 11 बजे के बाद न हो काम
सफाई कर्मियों की ओर से मानवीय आधार पर निम्नलिखित बदलावों का प्रस्ताव रखा गया है: सुबह की पाली को इस तरह विनियमित किया जाए कि सफाई का कार्य अधिकतम सुबह 10:30 या 11:00 बजे तक हर हाल में पूरा कर लिया जाए. मुख्य लक्ष्य कर्मचारियों को दोपहर की तीव्र धूप और लू से बचाना है, ताकि उनके स्वास्थ्य के साथ कोई खिलवाड़ न हो.
उपायुक्त और श्रम अधीक्षक को भेजी गई प्रतिलिपि
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए ज्ञापन की प्रतिलिपि हजारीबाग के उपायुक्त और जिला श्रम अधीक्षक को भी भेजी गई है. अधिवक्ता विवेक वाल्मीकि ने विश्वास जताया है कि प्रशासन संवेदनशीलता दिखाते हुए इन सुझावों को तत्काल लागू करेगा, ताकि किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य आपदा या कानूनी विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो.
