Bokaro: देश की सुरक्षा के लिए अदम्य साहस और वीरता का परिचय देने वाले सीआरपीएफ के जवान सिपाही/जीडी सद्दाम हुसैन को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रतिष्ठित “शौर्य चक्र” से सम्मानित किया. उन्होंने जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा जिले में आतंकवादियों के खिलाफ चलाए गए एक बेहद जोखिमपूर्ण अभियान में असाधारण बहादुरी का प्रदर्शन किया था. सद्दाम हुसैन बोकारो स्टील सिटी के कैंप-2 निवासी मोहम्मद राशिद के पुत्र हैं. पुरस्कार मिलने के बाद मोहल्लेवासियों में हर्ष का माहौल है. उनके माता-पिता और पत्नी ने कहा कि सद्दाम देश की सेवा में लगे हैं, उन पर उन्हें गर्व है.
आतंकवादियों के खिलाफ अभियान में दिखाई असाधारण बहादुरी
ज्ञात हो कि 5 नवंबर 2024 को सुरक्षा एजेंसियों को बांदीपोरा के चुट्टावाडी-कैत्सुन जंगल क्षेत्र में दो विदेशी आतंकवादियों के छिपे होने की विश्वसनीय सूचना मिली थी. इसके बाद सीआरपीएफ की तीसरी बटालियन, 26 असम राइफल्स और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने संयुक्त रूप से घेराबंदी एवं तलाशी अभियान शुरू किया. अभियान के दौरान आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच भीषण मुठभेड़ शुरू हो गई. आतंकवादी एक मकान के अंदर छिपे हुए थे और उन तक पहुंचना बेहद चुनौतीपूर्ण था. ऐसे कठिन हालात में सिपाही सद्दाम हुसैन ने उत्तर-पूर्व दिशा में मोर्चा संभाला और लगातार हो रही गोलीबारी के बीच भी अपनी स्थिति नहीं छोड़ी.

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यूबीजीएल से आतंकवादी को किया ढेर
जब मकान के प्रवेश द्वार को तोड़ना आवश्यक हो गया, तब उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना आगे बढ़कर मात्र 25 मीटर की दूरी से यूबीजीएल (अंडर बैरल ग्रेनेड लॉन्चर) का सटीक राउंड दागा. यह निशाना सीधे एक आतंकवादी को लगा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया. बाद में अभियान के दौरान वह आतंकवादी मृत पाया गया.
सिपाही सद्दाम हुसैन की बहादुरी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पण को देखते हुए उन्हें देश के प्रमुख वीरता पुरस्कारों में से एक “शौर्य चक्र” से सम्मानित किया गया है. उनका यह साहसिक कार्य सुरक्षा बलों के लिए प्रेरणा और देशवासियों के लिए गर्व का विषय है.
