रांची : झालसा के कार्यपालक अध्यक्ष और झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस सुजित नारायण प्रसाद के दिशा निर्देश पर कांटाटोली खादगढ़ा बस स्टैण्ड में पैन इंडिया बाल और किशोर मज़दूरी के उन्मूलन के साथ-साथ सड़क पर रहने वाले बच्चों के लिए पूरे भारत में बचाव और पुनर्वास अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. टीम के द्वारा खादगढ़ा बस स्टैण्ड में पैन इंडिया बाल और किशोर मज़दूरी के उन्मूलन के साथ-साथ सड़क पर रहने वाले बच्चों के लिए पूरे भारत में बचाव और पुनर्वास अभियान के तहत शिविर लगाया गया था. इसी दौरान डालसा टीम के सदस्यों की नजर खदगढ़ा बस स्टैण्ड स्थित पूजा होटल में एक रोते हुए 8 वर्षीय बच्चे पर पड़ी, तभी टीम के सदस्य बच्चे के पास गये. बातचीत के क्रम में बताया कि वह गिरिडीह का रहनेवाला है एवं उसके रिश्तेदार के द्वारा उसे कुछ दिन पहले यहां आकर बर्तन धोने के काम पर लगाया है, जिसके एवज में 200 रूपया प्रतिदिन मजदूरी मिलता है एवं उसने एक और बच्चे के बारे में बताया, जिसे टीम के द्वारा रेस्क्यू किया गया एवं डालसा सचिव के द्वारा बच्चे को चाईल्ड हेल्पलाईन के मेम्बर के द्वारा सीडब्ल्यूसी के समक्ष प्रस्तुत किया गया.


