Ranchi: भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने राज्य सरकार पर 10000 करोड़ के ट्रेजरी स्कैम को सुनियोजित तरीके से दफनाने का आरोप लगाया कहा कि राज्य सरकार ने वित्त विभाग के निर्णय के आलोक में वित्तीय कार्य से जुड़े 3 वर्ष से ज्यादा एक ही पद पर जमे सिर्फ क्लर्क और किरानी के ट्रांसफर का आदेश दिया. एसपी,डीएसपी और ट्रेजरी अफसर यथावत पदों पर आज भी बने हुए हैं.
एसआईटी की टीम ने 2020 से रिकॉर्ड मांगा है
प्रतुल ने कहा की उत्पाद सचिव के नेतृत्व में बनी एसआईटी की टीम ने 2020 से रिकॉर्ड मांगा है. 8 मई को यह टीम बोकारो जाने वाली है. एजी की आपत्ति के बाद अब ये 2011 से रिकॉर्ड मांग रही है. जांच समिति में सीआईडी के वर्तमान दो आईजी को छोड़कर पुलिस के मानवाधिकार आईजी को कमान दी गई है. इसके अतिरिक्त एसआईटी टीम के जो सदस्य हैं उसमें से एक 2022 के दौरान बोकारो के भी एसपी थे और 2014-16 के दौरान हजारीबाग के डीएसपी थे. इस दौरान दोनों जिला में भी ट्रेजरी घोटाला हुआ था. इस जांच समिति के एक और सदस्य डीआईजी स्तर के एक अधिकारी 27 नवंबर, 2017 से बोकारो एसपी थे. 2019 तक इस पद पर रहे. 2018 में अकाउंटेंट कौशल पांडे का बोकारो तबादला हुआ. कौशल पांडे ही इस पूरे घोटाले का किंग पिन माना जाता है. उस समय अकाउंट सेक्शन की हेड क्लर्क प्रभा टोप्पो को हटाकर कौशल पांडे को प्रभार दे दिया गया.
बोकारो के स्ट्रांग रूम में लगभग 12 से 14 किलो सोना है जमा
प्रतुल ने कहा की बोकारो के स्ट्रांग रूम में लगभग 12 से 14 किलो तक सोना जमा है. सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि यह सोना अभी भी वहां मौजूद है या कोई हेरा फेरी हो गई है. एसआइटी स्ट्रांग रूम की भी जांच कर इस सोने का भौतिक सत्यापन करे. प्रिंसिपल एजी में दो अप्रैल,2026 की रिपोर्ट में ही भौतिक सत्यापन के दौरान बड़े पैमाने पर ट्रेजरी में गड़बड़ी के सबूत पेश किए थे. रिपोर्ट के अनुसार 58% डीए को कई गुना ज्यादा बढ़ा कर लिया गया. रिपोर्ट में मास्टर डाटा कंट्रोल में बड़ी कमजोरी पाई गई. इसी रिपोर्ट में 2175 मामले ऐसे आए जिनके जन्मतिथि 2023 और 2026 के बीच में बदल दी गई . इसी कालखंड में 2890 पैन नंबर के साथ भी फेरबदल हुआ और 5037 सरकारी कर्मचारियों के जॉइनिंग डेट के साथ भी छेड़छाड़ की गई.
