Giridih: सदर प्रखंड के बजटो गांव में लापरवाही और जहरीले खाने ने ऐसा कहर बरपाया कि एक मासूम की जान चली गई और 22 से ज्यादा लोग अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं. शनिवार शाम गांव में घूम-घूमकर गुपचुप-छोला बेचने वाले अज्ञात ठेले वाले की लापरवाही ने पूरे गांव को दहशत में डाल दिया.
जहरीले चाट ने छीनी मासूम की जिंदगी
जिन लोगों ने गुपचुप खाया था, रविवार सुबह होते ही उनकी तबीयत बिगड़ने लगी तेज बुखार, उल्टी, दस्त और पेट दर्द से लोग तड़प उठे. इस जहरीले खाने का सबसे बड़ा शिकार बना 6 वर्षीय रंजन कुमार, जिसने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. बेटे की मौत से मां रिंकू देवी का रो-रोकर बुरा हाल है.
अस्पताल में मची अफरा-तफरी
एक साथ इतने मरीज आने से सदर अस्पताल में हड़कंप मच गया. 5 साल से लेकर 45 साल तक के 22 से ज्यादा लोग भर्ती हैं, सभी को ड्रिप पर रखा गया है और डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी कर रही है.
प्रशासन की नींद टूटी, अफसर दौड़े अस्पताल
घटना की खबर मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आया. डीसी रामनिवास यादव के निर्देश पर एसडीएम, एसडीपीओ, सिविल सर्जन, बीडीओ और थाना प्रभारी समेत कई अधिकारी अस्पताल पहुंचे और हालात का जायजा लिया, लेकिन सवाल उठ रहा है, क्या ऐसी घटनाओं के बाद ही प्रशासन जागेगा?
गांव में दहशत, हर किसी को डर
बजटो गांव में डर का माहौल है. जिन लोगों ने गुपचुप खाया था, उनकी पहचान कर जांच की जा रही है. आशंका है कि मरीजों की संख्या और बढ़ सकती है.
फरार ठेले वाला, पुलिस की तलाश जारी
जिस ठेले वाले ने यह जहरीला खाना बेचा, वह फरार है. पुलिस उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है, जबकि खाद्य सुरक्षा विभाग सैंपल जांच में जुट गया है.
ऐसे में बड़ा सवाल उठता है कि आखिर कब तक खुलेआम बिकता रहेगा जहरीला खाना? और कब तक मासूमों की जान यूं ही जाती रहेगी?
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