Ranchi: झारखंड के चर्चित दोहरे हत्याकांड में दोषी पूर्व विधायक पौलुस सुरीन एवं जेठा कच्छप की क्रिमिनल अपील पर झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश रंगन मुखोपाध्याय एवं न्यायाधीश प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने सुनवाई की. सुनवाई के दौरान प्रार्थियों एवं राज्य सरकार की ओर से दलीलें पूरी हो गईं.
मामले में अदालत ने अब लिखित दलीलें पेश करने को कहा है. मामले में लिखित दलील अदालत में दाखिल होने के बाद अदालत दोनों की जमानत पर फैसला सुनाएगी. दोहरे हत्याकांड में दोषी पाए जाने के बाद लगभग 2 सालों से दोनों जेल में बंद हैं, जहां कस्टडी के आधार पर दोनों ने जमानत मांगी है.
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2013 के दोहरे हत्याकांड से जुड़ा मामला
आपको बताते चलें कि यह मामला साल 2013 का है. 27 नवंबर को भूषण सिंह और राम गोविंद सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. बताया जाता है कि दोनों की हत्या उस वक्त हुई थी, जब वे घर के अंदर बैठे हुए थे. उस वक्त हत्या का आरोप तत्कालीन विधायक पौलुस सुरीन एवं जेठा कच्छप पर लगा.
11 साल बाद आया था फैसला, मिली उम्रकैद की सजा
हत्याकांड को लेकर दर्ज केस में पुलिस ने दोनों को आरोपी बनाया. तकरीबन 11 साल बाद मामले में अदालत ने 10 अप्रैल 2024 को फैसला सुनाते हुए दोनों को दोषी करार दिया.
रिपोर्ट्स के मुताबिक अभियोजन पक्ष की ओर से 12 गवाह पेश किए गए थे. इस मामले में तीन महिलाओं समेत चार लोगों को सबूत के अभाव में बरी भी किया जा चुका है, जबकि पौलुस सुरीन और जेठा कच्छप को इस मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है.
