Akshay Kumar Jha
Ranchi: सचिवालय में हर वक्त कुछ ना कुछ चर्चा का विषय बना हुआ रहता है. फिलहाल सचिवालय में डीपीसी (Departmental promotion committee) को लेकर खूब चर्चा हो रही है. चर्चा यह हो रही है कि आने वाले डीपीसी की बैठक, जो संभावित 29 अप्रैल को होने वाली है, उसमें दागी पदाधिकारियों को भी प्रमोशन देकर संयुक्त सचिव के पद से नवाजा जा सकता है.
पहले और दूसरे JPSC के ऐसे पदाधिकारियों को प्रमोशन देकर संयुक्त सचिव बनाने की बात हो रही है, जिनपर CBI का केस चल रहा है. इनमें से कुछ पर तो सीबीआई ने चार्टशीट तक दाखिल कर दिया है. वहीं ऐसे पदाधिकारियों को भी प्रमोशन देने की बात हो रही है, जिनपर हाईकोर्ट में केस तक चल रहा है. ऐसे में गॉसिप का बाजार गर्म है.
नियम तोड़ने की हो रही है बात
दरअसल, नियम यह है कि DPC की बैठक कर पहले विशेष सचिव फिर अपर सचिव उसके बाद संयुक्त सचिव के पदों पर प्रमोशन दिया जाता है. लेकिन इस बार सबसे पहले संयुक्त सचिव के पद पर पहले प्रमोशन देने की बात हो रही है. अगर ऐसा हुआ तो यह सरासर नियम का उल्लंघन माना जाएगा. इसी को लेकर चर्चा का बाजार गर्म है, सभी देखना चाह रहे हैं कि आगामी डीपीसी की बैठक में क्या होने वाला है.
पैरवी, पावर और पैसा के खेल की भी बात
बात इतनी ही नहीं है. चर्चा यह भी हो रही है कि संयुक्त सचिव में प्रमोशन के लिए हर तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं. प्रमोशन की बात सुनकर सभी पदाधिकारी अपनी-अपनी जुगार में लग गए हैं. कोई सटीक पैरवी, तो कोई पावर, तो कोई पैसे के दम पर प्रमोशन हासिल करने के लिए हर हथकंडा अपनाने को तैयार है. अब देखने वाली बात यह होगी कि आखिर होता क्या है. फिलहाल चर्चा का बाजार गर्म है.
