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सरायकेला: नर्सिंग इस्पात में मजदूर का पैर मशीन में फंसा, TMH में भर्ती, 20 लाख मुआवजे की मांग

Saraikela: चौका थाना क्षेत्र के मौजा खूंटी पहाड़धार स्थित नर्सिंग इस्पात कंपनी में रविवार सुबह करीब 10 बजे बड़ा हादसा हो गया....

Saraikela: चौका थाना क्षेत्र के मौजा खूंटी पहाड़धार स्थित नर्सिंग इस्पात कंपनी में रविवार सुबह करीब 10 बजे बड़ा हादसा हो गया. कंपनी में ऑपरेटर के पद पर कार्यरत 35 वर्षीय मजदूर चंपई मांझी का दायां पैर मशीन में कपड़ा फंसने से घुटने के नीचे बुरी तरह पिस गया.

TMH के CCU में भर्ती, हालत गंभीर

हादसे के बाद चंपई मांझी को गंभीर हालत में टीएमएच जमशेदपुर में भर्ती कराया गया, जहां उसका ऑपरेशन हुआ. फिलहाल वह CCU में है और होश में है, लेकिन डॉक्टरों ने हालत क्रिटिकल बताई है. पैर बचने की उम्मीद कम है.

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परिवार को देर से मिली सूचना

घायल की धर्मपत्नी सुखमति मांझी ने बताया कि उनके पति की दुर्घटना की सूचना देर से मिली. तब तक टीएमएच हॉस्पिटल में ऑपरेशन हो चुका था. ईचागढ़ के कुड़कतूपा गांव निवासी चंपई परिवार में अकेले कमाने वाले हैं. उनके तीन छोटे बच्चे हैं. हादसे के बाद परिवार का भविष्य संकट में पड़ गया है.

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भाजपा नेता ने उठाई मुआवजे की मांग

घटना की जानकारी मिलते ही भाजपा जिला मंत्री पापु बर्मा सोमवार को टीएमएच हॉस्पिटल पहुंचे. उन्होंने घायल चंपई मांझी और उनके परिजनों से मुलाकात की. पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि चंपई मांझी के परिवार को तत्काल 20 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए. उन्होंने कंपनी प्रबंधन पर लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप लगाया.

‘न्याय जरूर मिलेगा’ का भरोसा

पापु बर्मा ने परिवार को आश्वासन दिया कि उन्हें न्याय जरूर मिलेगा. उन्होंने कहा कि नर्सिंग इस्पात में दुर्घटना के बाद मजदूरों की स्थिति दयनीय है. न ईएसआई, न बीमा और न ही पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी अक्सर हादसों को छिपाने का प्रयास करती है.

जांच की मांग, आंदोलन की चेतावनी

भाजपा नेता ने जिला प्रशासन और श्रम विभाग से पूरे मामले की जांच की मांग की है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 48 घंटे के भीतर मुआवजा नहीं दिया गया, तो कंपनी गेट पर धरना दिया जाएगा. साथ ही कंपनी पर अवैध रूप से जंगल की जमीन अधिग्रहण और पलना डैम जलाशय से पानी लेने के आरोप भी लगाए गए.

कंपनी प्रबंधन का कोई बयान नहीं

फिलहाल इस पूरे मामले में कंपनी प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.

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