Ranchi: झारखंड के दो अलग-अलग रेलखंडों पर शुक्रवार को बड़े रेल हादसे टल गए. पहली घटना धनबाद रेल मंडल के हावड़ा-नई दिल्ली रेल मार्ग पर हुई, जहां एक मेमू ट्रेन ट्रैक पर मरम्मत कार्य में लगी मशीनों से टकरा गई. वहीं दूसरी घटना लोहरदगा-टोरी रेल लाइन पर घटी, जहां एक एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आने से सात भैंसों की मौके पर ही मौत हो गई. दोनों ही मामलों में चालकों की सूझबूझ से बड़ा नुकसान होने से बच गया, हालांकि यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा.
धनबाद में लापरवाही की इंतहा, अतिव्यस्त ट्रैक पर मशीनों से टकराई मेमू ट्रेन
धनबाद के प्रधानखंता के पास एक बड़ा रेल हादसा उस वक्त बाल-बाल टल गया, जब आसनसोल से बरकाकाना जा रही मेमू पैसेंजर ट्रेन ट्रैक पर रखी ड्रिलिंग मशीनों से टकरा गई. गनीमत यह रही कि ट्रेन के लोको पायल ने समय रहते आपातकालीन ब्रेक लगा दिया, जिससे एक बड़ा हादसा रुक गया.
सुपरवाइजर की गैरहाजिरी और ठेकेदार की लापरवाही
हावड़ा-नई दिल्ली जैसे देश के सबसे व्यस्ततम रेल मार्गों में से एक पर काम होने के बावजूद मौके पर कोई रेलवे सुपरवाइजर मौजूद नहीं था. यह घटना प्रधानखंता पुल के पास की है, जहां एक ठेकेदार के अधीन मजदूर आरई का काम कर रहे थे. मजदूर ट्रैक पर ड्रिलिंग मशीन रखकर उसे ओवरहेड तार के पोल से जोड़ने का काम कर रहे थे. इसी दौरान अचानक तेज रफ्तार मेमू ट्रेन को आता देख काम कर रहे मजदूरों ने हाथ हिलाकर ट्रेन रोकने का इशारा किया, लेकिन ट्रेन की रफ्तार तेज होने और दूरी कम होने के कारण मजदूर मशीनों को ट्रैक पर ही छोड़कर जान बचाकर दूर भाग खड़े हुए. चालक ने स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए तुरंत आपात ब्रेक लगाया. हालांकि, जब तक ट्रेन रुकती, तब तक ट्रेन की कई बोगियां मशीनों को घसीटते हुए आगे निकल चुकी थीं. टक्कर इतनी जोरदार थी कि तेज आवाज सुनकर ट्रेन में सवार सैकड़ों यात्री सहम गए और नीचे उतर आए. इस घटना में किसी यात्री को चोट नहीं आई है, लेकिन रेलवे की लाखों रुपये की मशीनों को भारी क्षति पहुंची है.
लोहरदगा में एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आया मवेशियों का झुंड, ढाई घंटे बाधित रहा रेल परिचालन
दूसरी घटना लोहरदगा-टोरी रेल खंड पर कुडू थाना क्षेत्र के बंदुआ गांव के समीप घटी. यहां आनंद विहार से रांची जा रही आनंद विहार-पुरुलिया एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 14022) की चपेट में आने से सात भैंसों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गईं. बताया जा रहा है कि मवेशी व्यापारी भैंसों के एक झुंड को लेकर जा रहे थे. इसी दौरान अचानक 12 भैंसों का यह झुंड रेलवे ट्रैक पर आ गया. ट्रेन की रफ्तार तेज होने के कारण चालक चाहकर भी ट्रेन को रोक नहीं पाया और मवेशी उसकी चपेट में आ गए. हादसे के बाद तेज झटके के साथ ट्रेन को रोकना पड़ा, जिससे यात्रियों के बीच अफरातफरी मच गई. इस दुर्घटना के कारण ट्रेन लगभग ढाई घंटे तक मौके पर ही खड़ी रही, जिससे यात्रियों को भीषण परेशानी का सामना करना पड़ा. घटना की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल की टीम मौके पर पहुंची और ट्रैक को साफ कराया. सुबह करीब 10:00 बजे ट्रेन को रांची के लिए रवाना किया जा सका.
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