Ranchi: प्राथमिकी दर्ज नहीं होने के मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है. जमानत रद्द करने की मांग को लेकर दायर अपील पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश सुजीत नारायण प्रसाद और न्यायाधीश संजय प्रसाद की खंडपीठ ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए.
एसएसपी को किया तलब
अदालत ने धनबाद के वरीय पुलिस अधीक्षक को तलब करते हुए निर्देश दिया है कि वे कल सशरीर उपस्थित होकर पूरे मामले पर जवाब दें.
क्या है मामला
दरअसल, एक पीड़िता के मामले में आरोपी को जमानत मिलने के बाद उसने सोशल मीडिया के माध्यम से दोबारा डराने और धमकाने का प्रयास किया. पीड़िता द्वारा शिकायत किए जाने के बावजूद इस मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई.
पुलिस की लापरवाही पर सवाल
अदालत ने माना कि पीड़िता के साथ किया जा रहा व्यवहार आपराधिक श्रेणी में आता है, इसके बावजूद पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया. इस पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए जवाब तलब किया है.
अगली सुनवाई कल
मामले में अगली सुनवाई कल निर्धारित की गई है, जिसमें धनबाद के वरीय पुलिस अधीक्षक को अदालत के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष रखना होगा.
