Gumla: 27 अप्रैल की शाम गुमला शहर में एक अलग ही नज़ारा देखने को मिला. दिन में स्कूली बच्चों को जागरूक करने के बाद प्रशासन ने शाम को पॉलिटेक्निक कॉलेज के समीप ‘रोको और समझाओ’ अभियान चलाया. यह अभियान उपायुक्त दिलेश्वर महतो के निर्देश पर सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से चलाया गया.
DTO ने खुद संभाली कमान
इस अभियान की अगुवाई जिला परिवहन पदाधिकारी ज्ञान शंकर जायसवाल ने की. उनके साथ ‘डेन्जर्स एडवेंचर्स’ विश्व भ्रमण टीम के सदस्य भी मौजूद रहे, जो अब तक 11 देशों की पैदल यात्रा कर चुके हैं.
चालान नहीं, समझाने पर फोकस
अभियान के दौरान बिना हेलमेट चलने वाले बाइक चालकों को रोककर उन्हें हेलमेट के महत्व और दुर्घटना के खतरे के बारे में विस्तार से बताया गया. वहीं, हेलमेट पहनने वाले चालकों को रोककर उनका स्वागत किया गया और उनकी सराहना की गई.
पदयात्रियों का भावनात्मक सवाल
विश्व भ्रमण टीम के सदस्य जितेंद्र प्रताप. महेंद्र प्रताप और गोविंदा नंद ने चालकों से सीधा संवाद किया. उन्होंने कहा कि जब वे लाखों किलोमीटर पैदल यात्रा कर सुरक्षित लौट सकते हैं, तो बाइक चलाने वाले लोग हेलमेट पहनकर अपनी सुरक्षा क्यों नहीं सुनिश्चित करते. इस सवाल ने कई युवाओं को सोचने पर मजबूर कर दिया.
प्रशासन का स्पष्ट संदेश
DTO ने कहा कि उपायुक्त का स्पष्ट निर्देश है कि लोगों की जान हर हाल में सुरक्षित रहनी चाहिए. हेलमेट चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी है. प्रशासन का उद्देश्य लोगों की जान बचाना है.
पूरी टीम रही सक्रिय
इस अभियान में मोटरयान निरीक्षक प्रदीप कुमार तिर्की. सड़क सुरक्षा प्रबंधक कुमार प्रभाष. रोड इंजीनियरिंग एनालिस्ट प्रणय कांशी और आईटी सहायक मंटू रवानी समेत पूरी टीम सक्रिय रही और हर वाहन चालक को जागरूक किया.
जागरूकता का मजबूत संदेश
सड़क किनारे लगी इस ‘ऑन-स्पॉट क्लास’ ने साफ कर दिया कि गुमला प्रशासन अब सिर्फ चालान तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों की सोच बदलने के लिए जमीनी स्तर पर लगातार प्रयास कर रहा है.
