जैतगढ़ में अवैध बालू उत्खनन का बोलबाला: प्रशासन मौन, स्थानीय जनता परेशान

CHAKRADHARPUR (Jaitgarh): क्षेत्र में वैतरणी नदी से हो रहे अवैध बालू उत्खनन और माफियाओं के बढ़ते दुस्साहस को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और...

CHAKRADHARPUR (Jaitgarh): क्षेत्र में वैतरणी नदी से हो रहे अवैध बालू उत्खनन और माफियाओं के बढ़ते दुस्साहस को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने गहरा रोष व्यक्त किया है. कांग्रेस युवा मोर्चा और झारखंड आंदोलनकारी मोर्चा ने प्रशासन पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए अविलंब कार्रवाई की मांग की है.

जनप्रतिनिधियों ने जताया आक्रोश

कांग्रेस युवा मोर्चा के जिला महासचिव गुलजार अंसारी ने कड़े शब्दों में कहा कि जैंतगढ़ में बालू का बड़े पैमाने पर अवैध व्यवसायीकरण हो रहा है. उन्होंने बताया कि माफियाओं ने स्कूल के पीछे और नदी घाटों के ऊपरी हिस्सों में बालू का अवैध भंडारण कर रखा है. अंसारी ने आरोप लगाया कि स्थानीय गरीब लोगों को अपना घर बनाने के लिए बालू नसीब नहीं हो रहा है.

अवैध भंडारण और तस्करी का खेल

कीमती बालू का उपयोग खनन क्षेत्रों (माइनिंग एरिया) के गड्ढों को भरने के लिए किया जा रहा है. भंडारण स्थल से भारी वाहनों द्वारा बालू की तस्करी कर मोटी कमाई की जा रही है.

माफियाओं का बढ़ता दुस्साहस

झारखंड आंदोलनकारी मोर्चा के केंद्रीय उपाध्यक्ष मनजीत कोड़ा ने कहा कि जैंतगढ़ की पहचान अब अवैध बालू कारोबार से होने लगी है. उन्होंने कहा कि माफिया छठ घाट जैसे पवित्र स्थानों के पास से उत्खनन कर रहे हैं, जिससे जनता की आस्था को ठेस पहुँच रही है.

सीमा का उठा रहे दोहरा लाभ

श्री कोड़ा ने खुलासा किया कि वैतरणी नदी झारखंड और ओडिशा की सीमा पर स्थित होने के कारण माफिया इसका दोहरा लाभ उठा रहे हैं. प्रतिदिन 10 से 12 ट्रैक्टर लगभग 50 से 60 ट्रिप अवैध बालू की ढुलाई कर रहे हैं. इससे झारखंड और ओडिशा दोनों सरकारों को रोजाना लाखों रुपये के राजस्व की हानि हो रही है.

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प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल

नेताओं ने जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि माफियाओं के सामने प्रशासन ‘हाथ पर हाथ धरे’ बैठा है. उन्होंने मांग की है कि जैंतगढ़ क्षेत्र में हो रहे अवैध उत्खनन पर तुरंत रोक लगाई जाए.

कड़ी कार्रवाई की मांग

छठ घाट और स्कूल के पास बालू डंप करने वाले माफियाओं के खिलाफ FIR दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई हो. राजस्व की चोरी रोकने के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जाए.

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