Ranchi : पूर्व मंत्री आलमगीर आलम से जुड़ा टेंडर घोटाला मामले में योगेश कुमार की अदालत में मंगलवार को बिल्डर मुन्ना कुमार की गवाही दर्ज की गई. उसने टेंडर में कमीशन के संबंध में कई अहम जानकारी दी है. मामले में अगली गवाही 4,5,6 मई को होगी. 4 मई को मामले के आरोपी बीरेंद राम के भाई बिल्डर बिंदेश्वर राम, पांच मई बिल्डर संतोष कुमार की तथा छह मई को एक अन्य बिल्डर की गवाही होगी. ग्रामीण विकास विभाग में टेंडर के जरिए कमीशनखोरी और उससे जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है. ईडी ने पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम, उनके पीएस संजीव लाल, तत्कालीन मुख्य अभियंता वीरेंद्र राम और उनके करीबियों की कुल 86.61 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति को स्थायी रूप से जब्त कर लिया है. इस कार्रवाई में सबसे बड़ा हिस्सा तत्कालीन मुख्य अभियंता वीरेंद्र राम और उनके परिवार की संपत्तियों का है, जिसकी कीमत 48.94 करोड़ रुपये बताई गई है.
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