Ranchi: राज्य सरकार ने अपनी महत्वाकांक्षी मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा विदेशी छात्रवृत्ति योजना के संशोधित रूप 2026 को मंजूरी दे दी है. इस बड़े फैसले के तहत छात्रवृत्ति पाने वाले छात्रों की संख्या बढ़ाकर अब 50 कर दी गई है. इससे राज्य के वंचित और पिछड़े वर्ग के युवाओं के लिए विदेश में पढ़ाई का रास्ता और आसान हो गया है.
श्रेणी और आवंटित सीटें अधिकतम
- अनुसूचित जनजाति – 20 छात्र
- अनुसूचित जाति – 10 छात्र
- पिछड़ा वर्ग – 14 छात्र
- अल्पसंख्यक – 06 छात्र
- कुल योग – 50 प्रतिभावान युवा
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यूनाइटेड किंगडम के टॉप संस्थानों में मास्टर्स का मौका
योजना के इस चरण में यूनाइटेड किंगडम और नॉर्दर्न आयरलैंड के विश्वस्तरीय विश्वविद्यालयों को शामिल किया गया है. चयनित छात्र वहां के प्रमुख संस्थानों में एक वर्षीय मास्टर्स और फुल डिग्री प्रोग्राम में दाखिला ले सकेंगे. सरकार ने यह भी प्रावधान किया है कि आगे चलकर इस योजना का विस्तार अमेरिका, कनाडा और अन्य विकसित देशों के विश्वविद्यालयों तक किया जा सके.
क्यों खास है यह योजना
पूरी फीस का भुगतान: ट्यूशन फीस से लेकर रहने और खाने तक का पूरा खर्च झारखंड सरकार उठाएगी.
प्रतिभा को सम्मान: आर्थिक तंगी अब उच्च शिक्षा के आड़े नहीं आएगी.
जयपाल सिंह मुंडा की विरासत: यह योजना महान जयपाल सिंह मुंडा को सच्ची श्रद्धांजलि है, जिन्होंने खुद ऑक्सफोर्ड से पढ़ाई कर झारखंड का नाम रोशन किया था.
