Simdega: जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव मरियम हेमरोम के निर्देशानुसार शुक्रवार को +2 उच्च विद्यालय केरसई में डायन-बिसाही जैसी अंधविश्वासी कुप्रथा के खिलाफ जागरूकता रैली का आयोजन किया गया. इस रैली में विद्यालय के छात्र-छात्राओं के साथ-साथ सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई. रैली की शुरुआत विद्यालय परिसर से की गई, जो केरसई बाजार सहित आसपास के क्षेत्रों से होकर गुजरी.
जागरूकता संबंधी तख्तियां लेकर छात्रों ने लगाए नारे
इस दौरान छात्रों ने हाथों में जागरूकता संबंधी तख्तियां लेकर अंधविश्वास छोड़ो, वैज्ञानिक सोच अपनाओ, डायन-बिसाही प्रथा बंद करो, शिक्षा ही असली शक्ति है जैसे नारे लगाए. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में व्याप्त डायन-बिसाही जैसी कुप्रथाओं को जड़ से समाप्त करना तथा लोगों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना था.
महिलाओं को प्रताड़ित करना सामाजिक अपराध
रैली के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि अंधविश्वास के कारण अक्सर निर्दोष लोगों, विशेषकर महिलाओं को प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है, जो कि एक गंभीर सामाजिक अपराध है. इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षकों ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के आधुनिक युग में भी इस प्रकार की कुप्रथाओं का अस्तित्व समाज के लिए चिंताजनक है. इसे समाप्त करने के लिए शिक्षा और जागरूकता सबसे प्रभावी माध्यम है. उन्होंने छात्रों से अपील की, कि वे अपने घर-परिवार और आसपास के लोगों को भी इस विषय में जागरूक करें.
यह भी पढ़ें: रांची में ‘महिला आक्रोश मशाल यात्रा’ का दमदार प्रदर्शन : सड़कों पर उतरीं हजारों महिलाएं, विपक्ष पर तीखा हमला
