News Desk: आज भारत समेत दुनिया भर में एसयूवी (SUV) सेगमेंट की गाड़ियों की काफी मांग है. इसी सेगमेंट में शामिल Land Rover आज एक लग्जरी ब्रांड माना जाता है, लेकिन इसकी शुरुआत अमीरों के लिए नहीं बल्कि किसानों और जरूरतमंद उपयोग के लिए हुई थी.

1948 में पहली Land Rover को ऐसे मजबूत वाहन के रूप में पेश किया गया था, जो खेतों और खराब रास्तों पर आसानी से चल सके. समय के साथ इसकी लोकप्रियता बढ़ी और यह धीरे-धीरे एक प्रीमियम SUV ब्रांड बन गई, जो अब Jaguar Land Rover के तहत आती है. चलिए जानते है विस्तार से…
किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनी थी Land Rover
आज जिसे एक प्रीमियम और लग्जरी SUV के तौर पर जाना जाता है, Land Rover की शुरुआत असल में किसानों की मदद के लिए हुई थी. इसका उद्देश्य अमीरों के लिए शानदार गाड़ी बनाना नहीं, बल्कि खेती-किसानी के काम को आसान बनाना था.
मॉरिस विल्क्स की सोच से आया बदलाव
रोवर कंपनी में डिजाइनर के तौर पर काम कर रहे मॉरिस विल्क्स ने ऐसी गाड़ी बनाने का आइडिया दिया था, जो खेतों में ट्रैक्टर की तरह काम कर सके और साथ ही सड़क पर भी आसानी से चलाई जा सके. इसी सोच ने आगे चलकर Land Rover को जन्म दिया.
बेहद मजबूत थी Land Rover की शुरुआती डिजाइन
Land Rover को शुरुआत से ही एक मजबूत और टिकाऊ SUV के रूप में तैयार किया गया था. जब इसे किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया, तब इसकी बॉडी में एल्यूमिनियम का इस्तेमाल किया गया था.
उस समय स्टील की कमी के कारण एल्यूमिनियम को चुना गया, जो हल्का होने के साथ-साथ जंग से भी बचाव करता है. शुरुआती मॉडल को अक्सर हरे रंग में पेश किया जाता था, ताकि यह खेतों और ग्रामीण इलाकों के माहौल के लिए उपयुक्त दिखे और उपयोग में भी आसान रहे.
कब हुई थी पेश Land Rover
जानकारी के मुताबिक Land Rover को पहली बार 30 अप्रैल 1948 को एम्स्टर्डम में पेश किया गया था. शुरुआत में इसे एक उपयोगी और मजबूत ऑफ-रोड वाहन के रूप में तैयार किया गया था, लेकिन समय के साथ इसकी पहचान बदलती गई.
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1960 और 70 के दशक तक आते-आते यह SUV अपनी दमदार बनावट और मजबूत इंजन के कारण अलग पहचान बनाने लगी। धीरे-धीरे यह आम जरूरतों से आगे बढ़कर अमीर लोगों की पसंद बन गई और आज भी अपनी विरासत और आधुनिक तकनीक के साथ बाजार में मौजूद है.
