हजारीबाग में पत्रकारों पर हमला लोकतंत्र पर प्रहार, दोषियों की गिरफ्तारी और पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग तेज

KODERMA: कोडरमा विधायक और राज्य की पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ नीरा यादव ने हजारीबाग में पत्रकारों पर हुए हमले की कड़ी निंदा...

KODERMA: कोडरमा विधायक और राज्य की पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ नीरा यादव ने हजारीबाग में पत्रकारों पर हुए हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र पर सीधा हमला बताया है. इसके साथ ही उन्होंने राज्य में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग दोहराई है.

राज्य में कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल

उन्होंने बयान जारी कर कहा कि राज्य में विधि व्यवस्था ध्वस्त है. स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी का व्यवहार दर्शाता है कि सत्ता का अहंकार किस हद तक बढ़ चुका है. महिलाओं के प्रति आपत्तिजनक बयान देना और उसके बाद सच दिखाने वाले या सवाल करने वाले पत्रकारों पर हमला करवाना बेहद शर्मनाक, निंदनीय और कायराना हरकत है.

पत्रकारों के अपमान पर तीखी प्रतिक्रिया

साथ ही पत्रकारों को यह बयान देना कि मेरे कारण आपलोगों का दुकानदारी चलता है, पूरे मीडिया जगत और पत्रकारों का अपमान है. विधायक डॉ. नीरा यादव ने कहा कि हजारीबाग की घटना सिर्फ एक पत्रकार पर हमला नहीं, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा प्रहार है.

सवालों के घेरे में सरकार

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या अब झारखंड में सच बोलना भी अपराध है? या फिर सवाल पूछने वालों को क्या इसी तरह दबाया जाएगा?

दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर गंभीर आरोप

डॉ. नीरा यादव ने स्पष्ट कहा कि अगर इस मामले में दोषियों की अविलंब गिरफ्तारी नहीं होती है, तो यह माना जाएगा कि हमला सत्ता में बैठे लोगों के इशारे पर हुआ है. सरकार की चुप्पी इस पूरे मामले में उसकी संलिप्तता को और मजबूत करती है.

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उच्चस्तरीय जांच और सुरक्षा कानून की मांग

उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए साथ ही सभी दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी हो तथा पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाये. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ पत्रकारों की लड़ाई नहीं, बल्कि हर उस नागरिक की लड़ाई है जो सत्य और न्याय में विश्वास रखता है.

पत्रकार सुरक्षा कानून पर जोर

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में पत्रकार सुरक्षा कानून इसलिए भी जरूरी है. उन्होंने विधानसभा सत्र में पत्रकार सुरक्षा कानून को लागू करने की मांग की थी, पर राज्य की हेमन्त सरकार पत्रकारों के मामलों पर गंभीर नहीं है. राज्य में बीमा स्वास्थ्य योजना के लिए पत्रकारों से राशि लेने के बाद भी लागू नहीं किया गया. झारखंड की जनता सब देख रही है और समय पर इसका जवाब भी देगी.

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