Enthusiasm was also seen in the final stage: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण में बुधवार को भारी उत्साह के बीच रिकॉर्ड मतदान हुआ. राजधानी कोलकाता समेत छह जिलों की 142 विधानसभा सीटों पर शाम तक करीब 91.31 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया. कई स्थानों पर हिंसा, झड़प, बूथ कब्जाने की कोशिश और सुरक्षा बलों पर आरोप-प्रत्यारोप के बीच मतदाताओं ने लंबी कतारों में खड़े होकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया. चुनाव आयोग के अनुसार इस चरण में कुल 3.21 करोड़ से अधिक मतदाता अपने वोट का इस्तेमाल करने के पात्र थे. इनमें 1.64 करोड़ पुरुष, 1.57 करोड़ महिला और 792 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल थे. मतदान के लिए कुल 41,001 मतदान केंद्र बनाए गए थे, जिनमें 39,301 मुख्य और 1,700 सहायक केंद्र थे. सभी केंद्रों पर वेबकास्टिंग और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे.
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जिलों में सबसे ज्यादा मतदान पूर्व बर्धमान में
जारी आंकड़ों के मुताबिक जिलावार मतदान प्रतिशत में पूर्व बर्धमान सबसे आगे रहा, जहां करीब 93.36 प्रतिशत मतदान हुआ. इसके बाद हुगली में 91.36%, दक्षिण 24 परगना में 91.28%, नादिया में 91.26%, उत्तर 24 परगना में 91.26% और हावड़ा में 90.82% मतदान दर्ज किया गया. वहीं शहरी क्षेत्रों में मतदान अपेक्षाकृत कम रहा. कोलकाता उत्तर में 88.87% और कोलकाता दक्षिण में 87.16% मतदान हुआ.
कई इलाकों में तनाव, झड़प और आरोप-प्रत्यारोप
मतदान के दौरान दक्षिण 24 परगना, भांगर, हावड़ा और उत्तर 24 परगना के कुछ इलाकों से झड़प, पथराव और ईवीएम में बाधा डालने जैसी घटनाओं की खबरें आईं. कई जगह राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं में भिड़ंत हुई. कुछ बूथों पर मतदाताओं ने धीमी प्रक्रिया और लंबी कतारों को लेकर नाराजगी भी जताई.
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ममता बनर्जी ने सीआरपीएफ पर बोला हमला
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मतदान के दौरान आरोप लगाया कि कुछ जगहों पर केंद्रीय सुरक्षा बल मतदाताओं को डराने और परेशान करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा, “सीआरपीएफ किसी को टॉर्चर नहीं कर सकती. अगर कहीं शिकायत है तो कार्रवाई होनी चाहिए.” उन्होंने मतदाताओं से निर्भीक होकर वोट डालने की अपील भी की.
चुनाव आयोग ने मांगी रिपोर्ट
ममता बनर्जी के आरोपों और विभिन्न जिलों से मिली शिकायतों पर चुनाव आयोग ने तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की और जांच के आदेश दिए. आयोग ने कहा कि जहां भी नियमों के उल्लंघन की शिकायत मिलेगी, वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी.

1,448 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद
इस चरण में कुल 1,448 उम्मीदवार मैदान में थे, जिनमें 1,228 पुरुष और 220 महिला प्रत्याशी शामिल हैं. किसी भी सीट पर थर्ड जेंडर उम्मीदवार नहीं था. 142 सीटों में 107 सामान्य, 34 अनुसूचित जाति और एक अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित थी.
क्यों अहम है यह चरण?
यह चरण राजनीतिक रूप से सबसे अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें कोलकाता, हावड़ा, उत्तर और दक्षिण 24 परगना, नादिया, हुगली और पूर्व बर्धमान जैसे प्रभावशाली जिले शामिल हैं. वर्ष 2021 के चुनाव में इन 142 सीटों में से तृणमूल कांग्रेस ने 123, भाजपा ने 18 और आईएसएफ ने एक सीट जीती थी. इस बार भी इन सीटों का परिणाम सरकार की दिशा तय करने में निर्णायक माना जा रहा है.
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भवानीपुर पर खास नजर
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का गढ़ मानी जाने वाली भवानीपुर सीट पर भी मतदान हुआ, जहां भाजपा ने नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी को मैदान में उतारकर मुकाबले को प्रतिष्ठा की लड़ाई बना दिया है. दिनभर तनाव और आरोपों के बावजूद भारी मतदान ने साफ कर दिया कि बंगाल की जनता लोकतंत्र के इस महापर्व में पूरे जोश के साथ शामिल हुई. अब सबकी नजर मतगणना और नतीजों पर टिक गई है.
