Hazaribagh: मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पोता जंगल स्थित नदी से तीन शवों की बरामदगी के मामले में पुलिस की तफ्तीश अब एक नए मोड़ पर आ गई है. हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए हिरासत में लिए गए मुख्य संदिग्ध यूट्यूबर सोहेल किरमानी को पुलिस ने लंबी पूछताछ के बाद रिहा कर दिया है.
पूछताछ और तकनीकी जांच में नहीं मिले प्रमाण:
पुलिस सूत्रों के अनुसार, सोहेल किरमानी को पीड़ित पक्ष से वसूली की कोशिश के संदेह में हिरासत में लिया गया था, हालांकि, घंटों चली पूछताछ और गहन जांच के बाद पुलिस को उसके खिलाफ कोई पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं. जांच टीम ने सोहेल के मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी इनपुट का भी मिलान किया, जिसमें हत्याकांड में उसकी संलिप्तता का कोई प्रमाण नहीं पाया गया। इसके बाद पुलिस ने उसे पूछताछ के बाद छोड़ दिया है.
पुलिस ने अब जांच की दिशा बदली:
शुरुआती संदेह के आधार पर की गई कार्रवाई में कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगने के बाद, हजारीबाग पुलिस ने अब जांच की दिशा बदल दी है. एसपी अमन कुमार के नेतृत्व में टीम अब अन्य संभावित कोणों और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर नए सिरे से तफ्तीश कर रही है.
जाने क्या है मामला?:
विगत 27 मार्च को पोता जंगल के पास नदी से तीन लोगों के शव मिले थे। मृतकों की पहचान आदिल हुसैन (27 वर्ष), सानिया परवीन (19 वर्ष) और खुशी के रूप में हुई है. ये तीनों पिछले कई दिनों से लापता थे, जिसकी शिकायत परिजनों ने मुफस्सिल थाने में दर्ज कराई थी.
अल्पसंख्यक आयोग ने भी किया मुआयना:
इस बीच, राज्य अल्पसंख्यक आयोग की टीम ने भी हजारीबाग पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया और परिजनों से मुलाकात की. आयोग के उपाध्यक्ष ज्योति सिंह ने पुलिस को वैज्ञानिक पद्धति से जांच करने और असली गुनहगारों को जल्द से जल्द बेनकाब करने का निर्देश दिया है.
