एसिड अटैक और दिव्यांगों के मामलों की सुनवाई के लिए 6 महीने की समय सीमा तय

विनीत आभा उपाध्याय Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य में न्याय वितरण प्रणाली को और अधिक प्रभावी और संवेदनशील बनाने की दिशा में...

विनीत आभा उपाध्याय

Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य में न्याय वितरण प्रणाली को और अधिक प्रभावी और संवेदनशील बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं. देश की शीर्ष अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने एसिड अटैक के मामलों और दिव्यांगों से जुड़े मुकदमों के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं.

6 महीने में निपटारा अनिवार्य

हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल सत्य प्रकाश सिन्हा द्वारा जारी सर्कुलर के मुताबिक, अब राज्य में एसिड अटैक से संबंधित सभी लंबित मामलों के निपटारे के लिए 6 महीने की समय सीमा निर्धारित की गई है. यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के शाहीन मलिक बनाम यूनियन ऑफ इंडिया व अन्य मामले में दिए गए आदेश के आलोक में लिया गया है.

पीड़ितों को जल्द न्याय देने पर जोर

इस आदेश का मुख्य उद्देश्य पीड़ित महिलाओं और अन्य प्रभावित व्यक्तियों को जल्द से जल्द न्याय दिलाना है, ताकि वे अपने जीवन की नई शुरुआत कर सकें.

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प्राथमिकता के आधार पर होगी सुनवाई

हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि दिव्यांग वादियों और अधिवक्ताओं से संबंधित मामले और एसिड अटैक पीड़ितों से जुड़े मामलों को अब अदालतों में प्राथमिकता के आधार पर सूचीबद्ध किया जाएगा. इसका मतलब है कि अब इन मामलों की सुनवाई के लिए लंबी तारीखों का इंतजार नहीं करना होगा.

निर्देशों का सख्ती से पालन

इन आदेशों की कॉपी एडवोकेट जनरल, झारखंड स्टेट बार काउंसिल के अध्यक्ष और हाईकोर्ट के सभी रजिस्ट्रारों को भेज दी गई है. साथ ही इसे हाईकोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया है, ताकि सभी संबंधित अधिकारी और कर्मचारी इसका सख्ती से पालन सुनिश्चित करें.

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