रांची: महिलाओं और बच्चों के साथ यौन उत्पीड़न की बढ़ती घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए झारखंड सरकार ने ठोस कदम उठाने की तैयारी कर ली है. याचिकाकर्ता सह अधिवक्ता कौशल भारती तथा झालसा के सुझावों के आधार पर महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग, झारखंड सरकार ने चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया है. यह कमेटी ऐसे गंभीर अपराधों पर एसओपी तैयार करेगी, जिसके आधार पर स्पीडी ट्रायल सुनिश्चित किया जा सके और नियमों के अनुरूप जल्द से जल्द सजा दिलाई जा सके.

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जनहित याचिका के बाद सरकार हरकत में
अधिवक्ता कौशल भारती ने झारखंड हाईकोर्ट में महिलाओं और नाबालिगों के साथ बढ़ रहे यौन अपराधों को लेकर जनहित याचिका दाखिल की थी. याचिका में कई गंभीर आंकड़े प्रस्तुत किए गए थे. सितंबर माह की सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए गृह सचिव, नगर विकास सचिव, रांची के उपायुक्त, वरीय पुलिस अधीक्षक, चाइल्ड वेलफेयर एंड वूमेन डिपार्टमेंट के सचिव और नगर आयुक्त को सशरीर उपस्थित होने का निर्देश दिया था. अदालत के समक्ष असुरक्षा की भावना और अपराध से जुड़े आंकड़े रखे गए.
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अगली सुनवाई 26 मार्च को. कठोर कार्रवाई की तैयारी
सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कमेटी का गठन किया है. कमेटी अगली सुनवाई तक अदालत के समक्ष अपने तर्क, विचार और एसओपी प्रस्तुत करेगी, जिसके आधार पर कठोर कार्रवाई की जाएगी. अगली सुनवाई की तारीख 26 मार्च निर्धारित की गई है.
महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के सचिव अभय नंदन अंबष्ट ने अदालत को जानकारी दी है कि कमेटी में राजेश्वरी बी, निदेशक पंचायती राज निदेशालय; विजय लक्ष्मी, पुलिस महानिरीक्षक (प्रशिक्षण); किरण पासी, समाज कल्याण निदेशालय; तथा सीता पुष्पा, अपर सचिव, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग शामिल हैं

