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शर्मनाक: OT में नर्स से रेप की कोशिश, डॉक्टर ने कहा— ‘नौकरी दी है, खुश नहीं कर सकती?’

  Prayagraj: संगम नगरी के सिविल लाइंस क्षेत्र स्थित एक प्रतिष्ठित प्राइवेट अस्पताल से मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई...

 

Prayagraj: संगम नगरी के सिविल लाइंस क्षेत्र स्थित एक प्रतिष्ठित प्राइवेट अस्पताल से मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है. यहां एक महिला स्टाफ नर्स ने अस्पताल के ही एक डॉक्टर पर ऑपरेशन थिएटर (OT) के भीतर बंधक बनाकर छेड़खानी और दुष्कर्म के प्रयास का गंभीर आरोप लगाया है. पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

नौकरी का झांसा और पहली वारदात

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पीड़िता पहले भी इसी अस्पताल में काम कर चुकी थी, लेकिन परीक्षाओं के कारण उसने इस्तीफा दे दिया था. मार्च 2026 में MBBS डॉ. मनीष केशरी ने उसे दोबारा नौकरी पर रखा.

आरोप है कि 20 मार्च की रात करीब 9:30 बजे डॉक्टर ने उसे काम के बहाने बुलाया और अपनी कार में बैठाकर संगम के सुनसान इलाके में ले गया. वहां डॉक्टर ने उसके साथ अश्लील हरकतें कीं. जब नर्स ने विरोध किया, तो डॉक्टर ने धौंस देते हुए कहा, “मैंने तुम्हें नौकरी दी है, क्या तुम मुझे खुश नहीं कर सकती?”

विरोध बढ़ने पर डॉक्टर ने उसे अस्पताल छोड़ दिया और माफी मांगकर मामला रफा-दफा करने को कहा.

OT में कैद कर किया जुल्म

दूसरी घटना 26 मार्च की रात करीब 2-3 बजे की है. ड्यूटी के दौरान नर्स को डॉक्टर ने OT में बुलवाया. अंदर डॉ. मनीष केशरी के साथ उसका एक अज्ञात दोस्त भी मौजूद था. नर्स के अंदर जाते ही दरवाजा बंद कर दिया गया.

पीड़िता का आरोप है कि दोनों नशे में थे. उन्होंने नर्स के मुंह में कपड़ा ठूंस दिया और हाथ बांधकर रेप की कोशिश की. खुद को बचाने के लिए नर्स ने आरोपी के दोस्त को जोर से लात मारी, जिससे वह गिर गया. इसी बीच नर्स वहां से भागने में सफल रही और शोर मचाकर अपनी जान बचाई.

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अस्पताल प्रशासन पर मामला दबाने का आरोप

घटना के बाद अस्पताल प्रशासन और डॉक्टर की पत्नी ने पीड़िता पर पुलिस के पास न जाने का दबाव बनाया. पीड़िता का कहना है कि उसने अस्पताल के निदेशकों से भी गुहार लगाई, लेकिन आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई करने के बजाय उसे ही चुप रहने को कहा गया.

यहां तक कि सामाजिक लोक-लाज के डर से उसके भाई ने भी शुरू में चुप्पी साधे रखने की सलाह दी. पीड़िता की हिम्मत और न्याय की मांग के बाद 1 मई को सिविल लाइंस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है.

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