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पूर्व चीफ सेक्रेटरी एल खियांग्यते का आइजोल के आलीशान महलों से लेकर JPSC घोटालों तक का सफर, अब भ्रष्टाचार के दलदल में फंसे

Ranchi: राज्य के सत्ता के शीर्ष गलियारों में अपनी धाक जमाने वाले और नौकरशाही के सबसे ऊंचे मुकाम यानी मुख्य सचिव के...

Former Chief Secretary L. Khiyangyate's journey from the opulent palaces of Aizawl to the JPSC scams, now embroiled in a quagmire of corruption

Ranchi: राज्य के सत्ता के शीर्ष गलियारों में अपनी धाक जमाने वाले और नौकरशाही के सबसे ऊंचे मुकाम यानी मुख्य सचिव के पद तक पहुंचने वाले एल. खियांग्यते गिरफ्तार हो चुके हैं. झारखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं और नियुक्तियों में हुई धांधली व गड़बड़ियों के गंभीर आरोपों ने इस वरिष्ठ आईएएस अधिकारी के पूरे साम्राज्य को हिला कर रख दिया है. चारा घोटाला मामले में कभी पूर्व मुख्य सचिव सजल चक्रवर्ती के जेल जाने का इतिहास झारखंड देख चुका है, और अब 1988 बैच के आईएएस अधिकारी लाल बियाकतुलुआंगा खियांग्यते की गिरफ्तारी ने यह साबित कर दिया है कि सत्ता के सिंहासन पर बैठकर आम जनता के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों का अंजाम कितना भयावह होता है.

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अथाह संपत्ति और आइजोल के तीन आलीशान महल

जेपीएससी घोटालों के दलदल में फंसे एल. खियांग्याते की गिरफ्तारी के बाद अब उनकी अकूत संपत्ति पर भी केंद्रीय और जांच एजेंसियों की पैनी नजरें टिक गई हैं. प्रशासनिक सेवा के दौरान बनाई गई उनकी बेहिसाब संपत्ति और रियल एस्टेट निवेश ने हर किसी को चौंका कर रख दिया है. मिजोरम की राजधानी आइजोल में उनके नाम पर एक-दो नहीं बल्कि तीन-तीन आलीशान और भव्य घर मौजूद हैं, जिनकी कीमत करोड़ों में आंकी जा रही है.
• पहला महलनुमा आशियाना: आइजोल में उनका पहला घर विशालकाय 12,378.5 वर्ग फीट के क्षेत्रफल में फैला हुआ है. यह संपत्ति अपने आकार और भव्यता के कारण स्थानीय स्तर पर भी चर्चा का विषय रही है.
• दूसरा और तीसरा घर: इसके अलावा, आइजोल में ही उनके पास दो अन्य आलीशान घर भी हैं, जिनमें से प्रत्येक का क्षेत्रफल 2,423.49 वर्ग फीट है. जिसकी कीमत भी करोड़ों में आंकी गई है.

36 साल का लंबा करियर, पर दागदार हो गया प्रशासनिक सफर

एल. खियांग्यते का प्रशासनिक सफर किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं रहा है. इतिहास विषय से ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने साल 1987 की सिविल सेवा परीक्षा पास की और 1988 बैच के आईएएस अधिकारी बने. झारखंड कैडर के इस सीनियर अधिकारी ने अपने करीब 36 वर्षों के लंबे करियर में कई मलाईदार और बेहद अहम पदों की कमान संभाली. उन्होंने न सिर्फ राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के तौर पर अपनी सेवाएं दीं, बल्कि प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थान के महानिदेशक जैसे प्रतिष्ठित पदों पर भी काबिज रहे.

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झारखंड की राजनीति और नौकरशाही में हड़कंप

एल. खियांग्यते की इस गिरफ्तारी के बाद झारखंड की सियासत में भी भूचाल आ गया है. विपक्षी दल और छात्र संगठन इसे राज्य की पिछली और वर्तमान प्रशासनिक व्यवस्था की सबसे बड़ी विफलता करार दे रहे हैं. सत्ता के गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि आखिर एक दशक तक ताकतवर पदों पर रहने वाले अधिकारी किस तरह सिस्टम की आड़ में अपने खेल खेलते रहे.

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