Ranchi: JPSC PT परीक्षा 2026 में हुई अनियमितता के विरोध में आज राजधानी रांची में छात्रों का उबाल सड़कों पर फूट पड़ा. विधानसभा घेराव के नाम पर निकला यह आंदोलन छात्रों का था, लेकिन देखते ही देखते यह राजनीतिक दलों की रैली में तब्दील हो गया. छात्र संगठनों ने इस प्रदर्शन का आह्वान किया था. उनका मकसद साफ था CBI जांच और JPSC परीक्षा को रद्द कर नए सिरे से परीक्षा कराना. हजारों की संख्या में छात्र हाथों में तख्तियां और नारे लेकर विधानसभा की ओर बढ़े. लेकिन जैसे ही जुलूस विधानसभा के करीब पहुंचा तस्वीर बदल गई. BJP के कई कार्यकर्ता और JLKM के नेता भी छात्रों के बीच घुस गए. जिससे यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया कि जिस आंदोलन को छात्र बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई बता रहे थे उसे राजनीतिक दलों ने अपना राजनीतिक मुद्दा बना लिया है. BJP ने इसे सरकार की नाकामी बताया तो JLKM ने आयोग को भंग करने की मांग तेज कर दी.
क्या छात्रों का दर्द अब सियासत की भेंट चढ़ जाएगा?
सवाल यह है कि क्या छात्रों का दर्द अब सियासत की भेंट चढ़ जाएगा? छात्र नेता इस बात से नाराज भी दिखे कि उनके मंच का इस्तेमाल राजनीतिक रोटी सेंकने के लिए किया जा रहा है. जगन्नाथपुर मंदिर के पास जहां छात्रों का सबसे बड़ा समूह विधानसभा तक जाने के लिए जद्दोजहद कर रहा था वहां दोपहर को अचानक JLKM के विधायक जयराम महतो सदन की कार्यवाही छोड़कर पहुंच गए. इतना ही नहीं भाजपा के कार्यक्रम में अक्सर दिखने वाले हिंदुवादी नेता भैरव सिंह और भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष समेत कई भाजपा कार्यकर्ता भी आंदोलन कर रहे छात्रो की भीड़ में शामिल दिखे.
