NewsWave Special: झारखंड में लालफीताशाही पर भारी सिंगल विंडो – 2.27 लाख प्रोजेक्ट्स को मिली मंजूरी, निवेश में तेजी

Ranchi: झारखंड में औद्योगिक विकास और व्यापार सुगमता (ईज ऑफ डूइंग बिजनेस) को नई दिशा देने के लिए लागू किया गया सिंगल...

Ranchi: झारखंड में औद्योगिक विकास और व्यापार सुगमता (ईज ऑफ डूइंग बिजनेस) को नई दिशा देने के लिए लागू किया गया सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम मील का पत्थर साबित हो रहा है. राज्य में निवेश की प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाने के संकल्प का परिणाम अब आंकड़ों में साफ दिखने लगा है. ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इस प्रणाली के तहत अब तक कुल 2,61,042 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 2,27,962 आवेदनों का सफलतापूर्वक निपटारा कर दिया गया है.

आंकड़ों की जुबानी: साल-दर-साल बढ़ता विश्वास

झारखंड में निवेश के प्रति उत्साह का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि साल 2016 में जहां मात्र 59 आवेदन आए थे, वहीं साल 2025 तक यह आंकड़ा बढ़कर 44,663 तक पहुंच गया. कुल आवेदनों में से 87% से अधिक का निष्पादन किया जा चुका है. हालांकि, प्रक्रियाओं की सघनता के कारण 23,709 आवेदनों को तकनीकी कारणों से रिजेक्ट भी किया गया है.

• विभाग स्तर पर लंबित: 6,547 आवेदन

• निवेशक स्तर पर लंबित: 2,824 आवेदन

• प्रक्रियाधीन: 9,371 आवेदन

लालफीताशाही पर लगाम

पहले निवेशकों को एक प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए दर्जनों विभागों के चक्कर लगाने पड़ते थे. सिंगल विंडो ने ‘वन-स्टॉप सॉल्यूशन’ प्रदान कर भ्रष्टाचार और अनावश्यक देरी को खत्म किया है. इससे समय की बचत हुई है और प्रोजेक्ट्स जल्दी जमीन पर उतर रहे हैं.

रोजगार सृजन का आधार

राज्य में सूक्ष्म, लघु और बड़े स्तर पर हजारों औद्योगिक इकाइयां सक्रिय हो रही हैं. यह झारखंड के युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा कर रहा है.

निवेश अनुकूल छवि

आंकड़ों में साल 2021 के बाद आई भारी उछाल यह दर्शाती है कि राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर झारखंड की छवि एक ‘इन्वेस्टमेंट फ्रेंडली’ राज्य के रूप में उभरी है.

पारदर्शिता और जवाबदेही

इस सिस्टम के तहत लंबित आवेदनों की ट्रैकिंग संभव है. विभाग स्तर पर मात्र 6,547 आवेदनों का लंबित होना यह दिखाता है कि सरकार अधिकारियों की जवाबदेही तय कर रही है.

किस साल कितने आवेदन आए

वर्ष – आवेदनों की संख्या

• 2016 – 59

• 2017 – 1501

• 2018 – 9643

• 2019 – 17945

• 2020 – 21,279

• 2021 – 36,285

• 2022 – 34,454

• 2023 – 41,557

• 2024 – 41,152

• 2025 – 44,663

• 2026 – 12,504

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