Ranchi : झारखंड के सुदूरवर्ती गांवों की तकदीर और तस्वीर बदलने की दिशा में ग्रामीण कार्य विभाग ने बड़ी पहल की है, राज्य के विभिन्न जिलों में कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत पुलों के निर्माण की महायोजना को धरातल पर उतारने की तैयारी पूरी हो गई है, विकास की इस नई कड़ी में राज्य के अलग-अलग हिस्सों में कुल 41 पुलों का निर्माण किया जाएगा, इससे न केवल आवागमन सुगम होगा बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नए पंख लगेंगे.
भारी-भरकम निवेश से मिटेगी दूरियां
राज्य सरकार के इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट पर कुल 231.45 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे, विभाग का लक्ष्य है कि मानसून से पहले और चालू वित्तीय वर्ष के भीतर इन पुलों के निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए, ताकि बरसात के दिनों में टापू बन जाने वाले गांवों को मुख्यधारा से जोड़ा जा सके.
विकास का लाइफलाइन बनेंगे ये पुल
ग्रामीण कार्य विभाग के अनुसार, इन पुलों का निर्माण केवल ईंट और पत्थर का ढांचा नहीं, बल्कि गांवों के लिए लाइफलाइन साबित होगा.पुल बनने से स्कूली बच्चों और मरीजों को अस्पताल ले जाने में होने वाली देरी समाप्त होगी, किसान अपनी उपज को आसानी से निकटतम मंडी तक पहुंचा सकेंगे, विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और तय समय सीमा के भीतर काम पूरा करना अनिवार्य होगा.
जिलों में निर्माण का खाका
संथाल और पलामू प्रमंडल पर फोकस
गढवा, पलामू, लातेहार और साहिबगंज जैसे जिलों में कई महत्वपूर्ण पुलों की स्वीकृति दी गई है, विशेष रूप से उन नदी-नालों पर पुल बनाए जा रहे हैं, जहां आजादी के बाद से अब तक पक्की पहुंच उपलब्ध नहीं थी.
रांची और आसपास के क्षेत्र
राजधानी से सटे ग्रामीण इलाकों और खूंटी, गुमला जैसे जिलों में भी स्थानीय आवश्यकताओं को देखते हुए छोटे और मध्यम श्रेणी के पुलों का निर्माण किया जाएगा.
कोल्हान में सुदृढ़ीकरण
चाईबासा और सरायकेला के दुर्गम क्षेत्रों में पुल बनने से उग्रवाद प्रभावित इलाकों में विकास की गति तेज होगी.
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