Saraikela: आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित पूर्व की जेएमटी प्राइवेट लिमिटेड, जो अब रामकृष्ण फोर्जिंग कास्टिंग सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड यूनिट-2 के नाम से संचालित हो रही है, के मुख्य गेट पर मंगलवार को पूर्व कर्मचारियों ने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया. मजदूरों ने रोजगार और बकाया सेटलमेंट की मांग को लेकर प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की.
रोजगार और बकाया भुगतान को लेकर नाराजगी
प्रदर्शन कर रहे मजदूरों का आरोप है कि कंपनी प्रबंधन उनकी मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रहा है. मजदूर नेता सुनील कर्मकार ने बताया कि जेएमटी बंद होने के बाद जब रामकृष्णा ग्रुप ने कंपनी का अधिग्रहण किया था, तब प्रबंधन ने लिखित आश्वासन दिया था कि पुराने कुशल कर्मचारियों को प्राथमिकता के आधार पर काम पर रखा जाएगा. लेकिन तीन वर्ष बीत जाने के बावजूद न तो रोजगार दिया गया और न ही ग्रेच्युटी-पीएफ का सेटलमेंट किया गया.
बाहरी मजदूरों को काम देने का आरोप
मजदूरों का कहना है कि प्रबंधन यह कहकर टालमटोल कर रहा है कि कंपनी पूरी तरह चालू नहीं हुई है. जबकि हकीकत यह है कि प्लांट में मशीनें चल रही हैं और उत्पादन हो रहा है. आरोप है कि स्थानीय पुराने कामगारों को छोड़कर बिहार, यूपी और ओडिशा के लोगों को ठेके पर काम पर रखा जा रहा है.
आर्थिक तंगी के बीच आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शन में शामिल मजदूरों ने अपनी आर्थिक स्थिति को बेहद दयनीय बताते हुए कहा कि काम न मिलने से परिवार चलाना मुश्किल हो गया है. बच्चों की पढ़ाई छूट गई है. कई मजदूर कर्ज में डूबे हैं. कई बार आंदोलन और वार्ता हुई, लेकिन प्रबंधन हर बार नया आश्वासन देकर मुकर जाता है.
मजदूरों ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर रोजगार और सेटलमेंट पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो अनिश्चितकालीन धरना और उत्पादन ठप करने का आंदोलन होगा. इस संबंध में कंपनी के एचआर हेड से संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी. वहीं श्रम विभाग के अधिकारी ने कहा कि मामला संज्ञान में है. दोनों पक्षों को बुलाकर जल्द वार्ता कराई जाएगी.
