Saraikela: चांडिल अनुमंडल अंतर्गत रसुनिया पंचायत के रसुनिया गांव में दो सरकारी भवनों के निर्माण में भारी अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं. पंचायत भवन एवं स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है. गुणवत्ता, पारदर्शिता और मजदूरी भुगतान को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं.
सूचना पट गायब, नियमों की अनदेखी
ग्रामीणों के अनुसार पंचायत भवन का निर्माण “अभिनव इंडिया” नामक कंपनी द्वारा किया जा रहा है. आरोप है कि निर्माण स्थल पर शिलान्यास पट्ट के अलावा कहीं भी योजना से संबंधित अनिवार्य सूचना पट प्रदर्शित नहीं किया गया है. सरकारी नियमों के मुताबिक कुल लागत, संवेदक का नाम, कार्य अवधि, मजदूरी दर आदि की जानकारी देना अनिवार्य है, लेकिन इसका खुला उल्लंघन हो रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि दोनों ही भवनों के निर्माण में बेहद निम्न गुणवत्ता के ईट, गिट्टी और बालू का उपयोग किया जा रहा है. सीमेंट का अनुपात भी मानक से कम रखा जा रहा है. इससे भवन की मजबूती पर सवाल खड़े हो रहे हैं.

ठेकेदार ने नहीं सुनी, काम बंद कराया
जब ग्रामीणों ने इस संबंध में ठेकेदार शेख आलमगीर से शिकायत की, तो उन्होंने बात सुनने से इनकार कर दिया. नाराज ग्रामीणों ने विरोध में बुधवार को निर्माण कार्य को अस्थायी रूप से बंद करा दिया.
मजदूरी भुगतान में भी गड़बड़ी
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि काम कर रहे मजदूरों को तय न्यूनतम मजदूरी नहीं दी जा रही है.कई मजदूरों का भुगतान महीनों से बकाया है. मस्टर रोल में भी हेराफेरी की आशंका जताई गई है. ग्रामीणों ने BDO चांडिल और जिला प्रशासन से उच्चस्तरीय जांच की मांग की है.चेतावनी दी है कि अगर गुणवत्तापूर्ण काम और पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा. इस संबंध में ठेकेदार शेख आलमगीर से संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी.
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