नगर निगम हजारीबाग में नियुक्तियों पर सवाल, यूनियन ने उठाए संवैधानिक मुद्दे

Hazaribagh:हजारीबाग नगर निगम में नियुक्तियों को लेकर एक बार फिर सवाल उठे हैं . अधिवक्ता सह अखिल भारतीय मजदूर यूनियन के प्रदेश...

Hazaribagh:हजारीबाग नगर निगम में नियुक्तियों को लेकर एक बार फिर सवाल उठे हैं . अधिवक्ता सह अखिल भारतीय मजदूर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष विवेक कुमार वाल्मीकि ने नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर नियुक्ति प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं, संवैधानिक प्रावधानों के उल्लंघन और श्रमिक अधिकारों की अनदेखी का आरोप लगाया है. ज्ञापन में कहा गया है कि नगर निगम बोर्ड द्वारा सफाई कर्मियों एवं चालकों की संख्या बढ़ाने का निर्णय नीतिगत रूप से उचित हो सकता है, लेकिन नियुक्तियों में जनप्रतिनिधियों द्वारा मनमाने तरीके से हस्तक्षेप करना अल्ट्रा वायर्स (कानूनी अधिकार से परे) है. उन्होंने स्पष्ट किया कि बोर्ड का कार्य नीति निर्धारण तक सीमित है, न कि बैकडोर से नियुक्ति करना.

आरोप लगाया कि बिना सार्वजनिक विज्ञापन के केवल फाइल के माध्यम से की गई नियुक्तियां भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 के साथ-साथ सर्वोच्च न्यायालय के उमा देवी फैसले का उल्लंघन हैं, जिन्हें विधि की दृष्टि में शून्य माना गया है. उन्होंने भविष्य में ऐसी प्रक्रियाओं पर तत्काल रोक लगाने की मांग की.

ज्ञापन में झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 की धारा 71 का हवाला देते हुए कहा गया है कि स्थानीय निकायों की निधि का उपयोग स्थानीय नागरिक सेवाओं के लिए होना चाहिए. ऐसे में स्थानीय बेरोजगारों की अनदेखी कर अपारदर्शी तरीके से नियुक्तियां करना अधिनियम की भावना के विपरीत है. इसके अलावा, आउटसोर्सिंग कंपनी गुरु रामदास कंपनी के माध्यम से कार्यरत श्रमिकों को नियुक्ति पत्र नहीं दिए जाने, सुरक्षित कार्य वातावरण का अभाव और ईपीएफ कटौती नहीं होने को कॉन्ट्रैक्ट लेबर एक्ट, 1970 और अनुच्छेद 21 के उल्लंघन के रूप में उठाया गया है.

ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि नगर निगम और कंपनी के बीच हुए समझौते को सार्वजनिक नहीं करना पारदर्शिता के सिद्धांतों के खिलाफ है. यूनियन ने अपनी मांगों में सभी प्रकार की नियुक्तियों के लिए नियोजन कार्यालय के माध्यम से अनिवार्य सार्वजनिक विज्ञापन जारी करने, गुरु रामदास कंपनी के साथ हुए एग्रीमेंट की प्रति सात दिनों के भीतर उपलब्ध कराने, सभी कर्मियों का ईपीएफ खाता खोलने और उन्हें सुरक्षा उपकरण व डिजिटल पहचान पत्र देने की मांग की है. ज्ञापन की प्रतिलिपि प्रधान सचिव, नगर विकास एवं आवास विभाग, निदेशक नगरीय प्रशासन, उपायुक्त हजारीबाग, क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त और श्रम आयुक्त को भी भेजी गई है.

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