Saraikela: झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) द्वारा जारी इंटरमीडिएट कक्षा 12 के रिजल्ट ने सरायकेला जिले के लिए मिली-जुली तस्वीर पेश की है. जिले का कुल साइंस उत्तीर्ण प्रतिशत 70.29% रहा, जो संतोषजनक माना जा सकता है. लेकिन ईचागढ़ विधानसभा के प्रतिष्ठित सिंहभूम कॉलेज, चांडिल का रिजल्ट बेहद निराशाजनक रहा है. सिंहभूम कॉलेज चांडिल में इंटरमीडिएट विज्ञान संकाय से कुल 220 परीक्षार्थी शामिल हुए थे, जिनमें से केवल 110 परीक्षार्थी ही सफल हो पाए. यानी लगभग 50% परीक्षार्थी अनुत्तीर्ण रहे. हर दूसरा छात्र परीक्षा में असफल रहा है, जिससे कॉलेज की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.
‘शान‘ पर लगा दाग
किसी भी कॉलेज में विज्ञान संकाय को कॉलेज की ‘शान’ माना जाता है. ईचागढ़ क्षेत्र की रीढ़ कहे जाने वाले सिंहभूम कॉलेज का यह प्रदर्शन पूरे जिले के रिपोर्ट कार्ड पर काले धब्बे की तरह है. जहां जिले के अन्य कॉलेजों ने बेहतर प्रदर्शन कर नाम रोशन किया, वहीं सिंहभूम कॉलेज का रिजल्ट शर्मनाक रहा.

शिक्षकों की कमी या लापरवाही
स्थानीय लोगों और अभिभावकों का आरोप है कि कॉलेज में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ के स्थायी शिक्षकों की भारी कमी है प्रैक्टिकल क्लास नहीं होती. लैब के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति है. कई शिक्षक समय पर क्लास नहीं लेते. छात्रों ने बताया कि सिलेबस भी पूरा नहीं कराया गया था.
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प्राचार्य ने साधी चुप्पी
इस संबंध में कॉलेज के प्राचार्य से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी. जिला शिक्षा पदाधिकारी ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी. रिजल्ट इतना खराब क्यों रहा, इसकी रिपोर्ट मांगी गई है. दोषी शिक्षकों पर कार्रवाई होगी. अभिभावकों ने DC से कॉलेज में शिक्षकों की पदस्थापना और शिक्षा व्यवस्था सुधारने की मांग की है.
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