Hazaribagh: शहर के राजा बंगला रोड स्थित यूनिक हॉस्पिटल में मंगलवार को इलाज के दौरान गर्भवती महिला की मौत के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. मामले को गंभीरता से लेते हुए सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार ने स्वतः संज्ञान लिया है और जांच के आदेश दिए हैं.
दो दिनों में मांगी गई रिपोर्ट
सिविल सर्जन ने पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है. समिति को निर्देश दिया गया है कि घटना की गहराई से जांच कर दो दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपे. मृत महिला की पहचान इचाक प्रखंड के बरका खुर्द गांव निवासी 22 वर्षीय सपना कुमारी के रूप में हुई है. वह इलाज के लिए यूनिक हॉस्पिटल में भर्ती थीं, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई.

परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप
मृतका के परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों की लापरवाही और समय पर सही इलाज नहीं मिलने के कारण सपना कुमारी की जान गई. घटना के बाद परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए और डिस्ट्रिक्ट बोर्ड चौक को जाम कर प्रदर्शन किया. बाद में प्रशासन के समझाने के बाद जाम हटाया गया.
तीन सदस्यीय टीम करेगी जांच
जांच समिति में जिला कुष्ठ निवारण पदाधिकारी डॉ. एस.के. राजन को अध्यक्ष बनाया गया है. वहीं प्रभारी जिला आरसीएच पदाधिकारी डॉ. सुभाष प्रसाद और डीडीएम दिवाकर अंबष्ठ को सदस्य बनाया गया है. समिति इलाज की पूरी प्रक्रिया, ड्यूटी पर मौजूद कर्मियों की भूमिका, चिकित्सकीय निर्णय और अस्पताल प्रबंधन की जिम्मेदारी की जांच करेगी.
निजी अस्पतालों की व्यवस्था पर सवाल
मामले में यह बात भी सामने आई है कि यूनिक हॉस्पिटल का संचालन बिना निबंधन के किया जा रहा था. ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि सिविल सर्जन कार्यालय से महज कुछ दूरी पर बिना लाइसेंस अस्पताल कैसे संचालित हो रहा था. शहर के नवाबगंज, राजा बंगला और अन्य इलाकों में भी कई निजी नर्सिंग होम और अस्पतालों के बिना निबंधन संचालन की बात सामने आ रही है. इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं.
