Hazaribagh: झारखंड की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को विश्व पटल पर स्थापित करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ी पहल शुरू कर दी है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर बुधवार को कला, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव मुकेश कुमार ने बड़कागांव प्रखंड के पकरी बरवाडीह स्थित प्रसिद्ध मेगालिथ स्थल का दौरा किया था. इस दौरान उन्होंने इस प्राचीन स्थल के ऐतिहासिक महत्व को समझा और इसे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन हब के रूप में विकसित करने की संभावनाओं का जायजा लिया.
खगोलीय और ऐतिहासिक महत्व पर जोर
पर्यटन सचिव मुकेश कुमार ने कहा कि पकरी बरवाडीह का मेगालिथ स्थल केवल पत्थरों का समूह नहीं, बल्कि खगोलीय घटनाओं के अध्ययन के दृष्टिकोण से एक अत्यंत महत्वपूर्ण और अमूल्य धरोहर है. उन्होंने इसके संरक्षण और संवर्धन की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि ऐसी विरासतों को सुरक्षित रखना राज्य की प्राथमिकता है.

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यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज सूची की ओर कदम
पर्यटन सचिव ने घोषणा की कि राज्य सरकार इस स्थल की विशिष्टता को देखते हुए इसे यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज सूची में शामिल कराने के लिए हर संभव प्रयास करेगी. उन्होंने कहा कि इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि देश-विदेश के पर्यटक और शोधकर्ता यहां आकर्षित हो सकें.
पर्यटन से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
पर्यटन सचिव का मानना है कि यदि इस स्थल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलती है, तो हजारीबाग न केवल इतिहास प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी भारी बढ़ावा मिलेगा. प्रशासन अब इस दिशा में विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू करेगा.
