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हजारीबाग में अवैध ईंट भट्टों का खेल, बढ़ती कीमतों से आवास योजनाओं पर संकट

Hazaribagh: जिले में इन दिनों अवैध ईंट भट्टों का कारोबार तेजी से फैल रहा है. बिना वैध दस्तावेज, पर्यावरणीय स्वीकृति और प्रशासनिक...

Hazaribagh: जिले में इन दिनों अवैध ईंट भट्टों का कारोबार तेजी से फैल रहा है. बिना वैध दस्तावेज, पर्यावरणीय स्वीकृति और प्रशासनिक अनुमति के कई ईंट भट्टे खुलेआम संचालित किए जा रहे हैं. बड़कागांव, चरही, चुरचू, इचाक, केरेडारी, कंडाबेर, बुंडू, हेदेगिर, बारियातू और पचड़ा समेत कई इलाकों में यह कारोबार जारी है.

ईंटों की कीमतों में भारी बढ़ोतरी 

ग्रामीणों का आरोप है कि ईंट भट्टा संचालक मनमाने तरीके से कीमतें वसूल रहे हैं. बाजार में ईंट की कीमत 8 से 9 हजार रुपये प्रति हजार तक पहुंच गई है, जिससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है.

आवास योजनाओं पर पड़ा असर 

बढ़ती कीमतों का असर केंद्र और राज्य सरकार की Pradhan Mantri Awas Yojana और Abua Awas Yojana जैसी योजनाओं पर भी पड़ रहा है. लाभुकों का कहना है कि सरकार से मिलने वाली राशि सीमित है, जबकि निर्माण सामग्री महंगी होने से घर बनाना मुश्किल हो गया है.

प्रदूषण से लोग परेशान 

अवैध भट्टों से निकलने वाला धुआं आसपास के गांवों में प्रदूषण बढ़ा रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों प्रभावित हो रहे हैं.

प्रशासन से कार्रवाई की मांग 

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से अवैध ईंट भट्टों पर तत्काल कार्रवाई करने और ईंटों की कीमतों पर नियंत्रण लगाने की मांग की है. लोगों का कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो गरीबों के घर बनाने का सपना अधूरा रह जाएगा.

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