Ranchi: झारखंड में फर्जी म्यूटेशन पर विराम लगेगा. अब सीओ के मोबाइल पर ओटीपी जरूरी है. बिना ओटीपी के म्यूटेशन अब नहीं होंगे. राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग ने बढ़ रहे फर्जी म्यूटेशन को रोकने के लिए इस प्रकार के कदम को उठाया है. अब किसी भी जमीन का म्यूटेशन अंचलाधिकारी (सीओ) के मोबाइल नंबर पर आने वाले ओटीपी के सत्यापन के बाद ही फाइनल होगा.
अधिकारियों की जिम्मेदारी तय
सरकार के इस नए फैसले का मुख्य उद्देश्य म्यूटेशन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना और बिचौलियों के दखल को पूरी तरह समाप्त करना है. वर्तमान में झारभूमि पोर्टल को अपग्रेड किया गया है ताकि किसी भी प्रकार की तकनीकी खामी या मानवीय हस्तक्षेप की गुंजाइश न रहे. ओटीपी सिस्टम लागू होने से अब सीओ अपनी आईडी या लॉगिन का दुरुपयोग होने का दावा नहीं कर सकेंगे, क्योंकि अंतिम मंजूरी के लिए उनके पंजीकृत मोबाइल पर आने वाला पासवर्ड अनिवार्य होगा.

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आम लोगों को होंगे फायदे
फर्जीवाड़े पर रोक. गलत दस्तावेजों या मिलीभगत से होने वाले म्यूटेशन अब संभव नहीं होंगे, क्योंकि हर ट्रांजैक्शन का सीधा डिजिटल रिकॉर्ड सीओ की व्यक्तिगत जिम्मेदारी से जुड़ जाएगा.
समय की बचत. आवेदन करने की प्रक्रिया खत्म होने से अनावश्यक देरी नहीं होगी और 30 दिनों के भीतर म्यूटेशन की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया गया है.
खत्म होगा दलालों का खेल
अंचल कार्यालयों में दलाल सक्रिय रहते हैं. डीसी ऑफिस में पैसे लेकर गलत म्यूटेशन करने की शिकायतें आती रहती थीं. अब पूरी प्रक्रिया डिजिटल होने और ओटीपी आधारित सत्यापन अनिवार्य होने से भ्रष्ट अधिकारियों और दलालों पर सीधा प्रभाव पड़ेगा.
