पुष्पा हत्याकांड में गुरुवार को खुलेगी गुत्थी: बरामद कंकाल और माता-पिता के DNA जांच का सैंपल पहुंचा CSFL, 14 को HC में पेश होगी रिपोर्ट

Ranchi: बोकारो की 18 वर्षीय लापता युवती की हत्या मामले में गुरुवार, 14 मई को गुत्थी सुलझ सकती है. दरअसल झारखंड हाईकोर्ट...

Ranchi: बोकारो की 18 वर्षीय लापता युवती की हत्या मामले में गुरुवार, 14 मई को गुत्थी सुलझ सकती है. दरअसल झारखंड हाईकोर्ट ने पिछले आदेश में स्पष्ट रूप से कहा था कि नियमों के अनुसार बरामद कंकाल एवं माता-पिता के डीएनए की जांच के बाद मिलान कराया जाए. अदालत में इस संबंध में जवाबदेही तय करते हुए तारीख भी मुकर्रर कर दी थी. अदालत ने 6 मई को रिम्स से बरामद कंकाल के सैंपल और रांची से माता-पिता को एम्स, देवघर ले जाने को कहा था. वहां से केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (CFSL), कोलकाता DNA जांच के लिए भेजा जाना था. बीते 6 मई को माता-पिता एवं कंकाल के डीएनए सैंपल को CFSL भेजा जा चुका है. उम्मीद जताई जा रही है कि अगली सुनवाई 14 मई तक अदालत के समक्ष रिपोर्ट सौंप दी जाएगी.

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युवती पुष्पा 19 मार्च 2025 से गायब

दरअसल बोकारो की 18 वर्षीय युवती पुष्पा बीते 19 मार्च 2025 से गायब है. इस संबंध में 31 जुलाई 2025 को पिंड्राजोरा थाना में कांड संख्या-147/2025 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी. हालांकि शुरुआती जांच में पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगे हैं. इस मामले में तत्कालीन पिंड्राजोरा थाना प्रभारी समेत कई लोगों को निलंबित किया गया है. हाईकोर्ट की फटकार के बाद 11 अप्रैल 2026 को मामले की जांच एसआईटी को सौंपा गया. 24 घंटे के भीतर कथित पीड़िता का कंकाल बरामद किया गया. हालांकि याचिकाकर्ता ने इस दावे को खारिज करते हुए कंकाल से संबंधित कई अहम तथ्य और तस्वीरें अदालत के समक्ष प्रस्तुत की है. बताया गया कि कंकाल पुराना है. इधर सरकार ने अदालत में यह दलील दी है कि वैज्ञानिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि कंकाल किसका है. अपने पिछले आदेश में अदालत ने स्पष्ट किया कि तत्कालीन जांचकर्ता की मामले संतलिप्ता या मौजूदा एसआईटी की लापरवाही अगर सामने आती है तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

डीएनए रिपोर्ट का इंतजार

अब सब कुछ डीएनए के रिपोर्ट पर निर्भर करता है. इधर मामले में एक और एंगल पुणे का है. एक संदिग्ध कॉल में यह बताया गया कि युवती पुणे में है. पुलिस ने कॉल करने वाले युवक को गिरफ्तार किया, जिसने दावा किया कि युवती उसके दोस्त के पास पुणे में है. हालांकि बाद में पुलिस टीम जब आरोपी युवक को लेकर पुणे जा रही थी, उसी दौरान वह चकमा देकर फरार हो गया.

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एक मामले की गुत्थी सुलझी नहीं, दूसरा मामला सामने

गौर करने वाली बात यह है कि जहां पुष्पा हत्याकांड का मामला सुलझा नहीं है, वहीं पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र से एक और युवती के गायब होने का मामला झारखंड हाईकोर्ट की दहलीज पर है. 16 अक्टूबर 2020 से गायब 14 वर्षीय लड़की के मामले में पिंड्राजोरा थाना एक बार फिर कठघरे में है. मां उषा झा ने हाईकोर्ट में हेबियस कॉर्पस याचिका दाखिल की है. मामले की सुनवाई सोमवार को झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है.

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