Saraikela: सरायकेला नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने ऊर्जा विभाग को पत्र लिखकर जिला मुख्यालय में स्वतंत्र विद्युत ग्रिड सब स्टेशन की स्थापना और RDSS-2 योजना के तहत शहर में अंडरग्राउंड केबलिंग की मांग की है.
25 किलोमीटर दूर से होती है बिजली आपूर्ति
अपने पत्र में अध्यक्ष ने कहा कि सरायकेला ऐतिहासिक एवं महत्वपूर्ण जिला मुख्यालय होने के बावजूद गंभीर विद्युत संकट से जूझ रहा है. वर्तमान में सरायकेला विद्युत सब-स्टेशन को लगभग 25 किलोमीटर दूर चाईबासा एवं राजखरसावां ग्रिड से विद्युत आपूर्ति की जाती है. लंबी दूरी, जंगल-पहाड़ एवं दुर्गम क्षेत्रों के कारण प्राकृतिक आपदा या तकनीकी खराबी होने पर घंटों बिजली बाधित रहती है.

उन्होंने बताया कि पिछले लगभग 15 दिनों से विद्युत व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, जिससे आम नागरिकों, विद्यार्थियों, मरीजों, व्यापारियों एवं छोटे उद्योगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. लगातार बिजली कटौती से आम जनता में आक्रोश बढ़ रहा है.
सैकड़ों गांवों को मिलेगा लाभ
श्री चौधरी ने कहा कि सरायकेला जिला मुख्यालय में स्वतंत्र विद्युत ग्रिड सब स्टेशन की स्थापना अब समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुकी है. इससे न केवल जिला मुख्यालय बल्कि आसपास के सैकड़ों गांवों को भी बेहतर एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी.
अंडरग्राउंड केबलिंग की उठी मांग
इसके साथ ही उन्होंने RDSS-2 योजना के अंतर्गत सरायकेला शहर की जर्जर एवं ओवरहेड विद्युत लाइनों को चरणबद्ध तरीके से अंडरग्राउंड केबलिंग योजना में शामिल करने की भी मांग की है. इससे बार-बार तार टूटने, ट्रिपिंग, दुर्घटनाओं एवं प्राकृतिक आपदाओं के दौरान विद्युत बाधाओं में कमी आएगी तथा शहर की सुरक्षा एवं सौंदर्यता में भी सुधार होगा.
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राज्य सरकार से शीघ्र कार्रवाई की मांग
अध्यक्ष ने बताया कि इस संबंध में उनकी कई चरणों की वार्ता कार्यपालक अभियंता एवं विद्युत विभाग के अधिकारियों के साथ हो चुकी है. उन्होंने राज्य सरकार से शीघ्र सर्वेक्षण और तकनीकी स्वीकृति की मांग की है. पत्र की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन, उपायुक्त सरायकेला-खरसावां, प्रबंध निदेशक JBVNL, विद्युत अधीक्षण अभियंता चाईबासा/जमशेदपुर एवं कार्यपालक अभियंता को भी भेजी गई है.
