Hazaribagh : प्रखंड मुख्यालय स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय, टाटीझरिया इन दिनों बदहाली के आंसू रो रहा है, शिक्षा के मंदिर में अव्यवस्था का आलम यह है कि यहाँ नामांकित 500 से अधिक छात्र-छात्राओं के भविष्य पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं, इस अव्यवस्था को लेकर इलाके के अभिभावकों का गुस्सा सातवें आसमान पर है, ग्रामीणों ने दोटूक कहा कि सरकार एक तरफ बेहतर शिक्षा के दावे करती है, वहीं दूसरी तरफ बुनियादी सुविधाओं और शिक्षकों के बिना बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है.
5 मुख्य शिक्षकों का प्रतिनियोजन, पढ़ाई ठप

मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय मुखिया सुरेश यादव ने कड़ा रुख अपनाया है, उन्होंने हजारीबाग उपायुक्त को पत्र लिखकर विद्यालय की समस्याओं से अवगत कराया, मुखिया ने बताया कि जिला शिक्षा पदाधिकारी ने यहाँ कार्यरत 5 महत्वपूर्ण शिक्षकों का प्रतिनियोजन दूसरे स्कूलों में कर दिया है, ये सभी शिक्षक मुख्य विषयों के थे, जिसके कारण पठन-पाठन का माहौल पूरी तरह प्रभावित हो चुका है.
मात्र 8 कमरों में 500 बच्चे, क्षमता से अधिक दबाव
विद्यालय में केवल शिक्षकों की ही नहीं, बल्कि बुनियादी ढांचे की भी भारी कमी है, 500 बच्चों के लिए स्कूल में मात्र 8 कमरे उपलब्ध हैं, स्थिति इतनी भयावह है कि एक-एक कमरे में क्षमता से कई गुना अधिक बच्चों को जैसे-तैसे बैठाया जाता है, इसी विद्यालय की एक छात्रा ने मैट्रिक बोर्ड परीक्षा में प्रखंड टॉपर बनकर विद्यालय का मान बढ़ाया था, लेकिन आज वही विद्यालय सरकारी उपेक्षा के कारण अपनी दुर्दशा पर रो रहा है.
उग्र आंदोलन की चेतावनी
मुखिया सुरेश यादव ने प्रशासन से मांग की है कि शिक्षकों का प्रतिनियोजन तुरंत रद्द किया जाए और नए कमरों का निर्माण शुरू कराया जाए, उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो ग्रामीण अपने बच्चों के हक के लिए उग्र आंदोलन को विवश होंगे.
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