Click Here
Click Here
Click Here
Click Here
Click Here

ग्राम सभा की अनदेखी हुई तो होगा उग्र आंदोलनः आदिवासी अधिकार मंच

Ranchi: झारखंड में पेसा नियमावली 2025 को लेकर जमीनी स्तर पर उठ रहे सवालों के बीच आदिवासी अधिकार मंच ने अपनी आवाज...

Ranchi: झारखंड में पेसा नियमावली 2025 को लेकर जमीनी स्तर पर उठ रहे सवालों के बीच आदिवासी अधिकार मंच ने अपनी आवाज बुलंद कर दी है. रांची के सफदर हाशमी सभागार में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यशाला में मंच ने साफ किया कि अगर नियमों को दरकिनार कर पंचायत पदाधिकारियों का चुनाव हुआ, तो राज्यभर में आंदोलन तेज किया जाएगा. कार्यशाला का उद्घाटन मंच के राज्य अध्यक्ष प्रफुल्ल लिंडा ने किया, जिसके बाद राज्य संयोजक सुखनाथ लोहरा ने नियमावली को और अधिक सशक्त बनाने के लिए महत्वपूर्ण प्रस्ताव पेश किए. बैठक में रांची, गुमला, लोहरदगा, खूंटी, पश्चिमी सिंहभूम और पाकुड़ जिलों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया.

यह भी पढ़ें: सरना धर्म कोड के लिए सड़क पर उतरा आदिवासी अधिकार मंच, अल्बर्ट एक्का चौक पर किया प्रदर्शन

प्रमुख मुद्दे और मांगें

चुनावी धांधली का आरोप: प्रतिनिधियों ने बताया कि कई क्षेत्रों में मुखिया और पंचायत सचिव बिना सूचना दिए गुपचुप तरीके से सहायक सचिव और कोषाध्यक्ष का चुनाव कर रहे हैं.
ग्राम सभा की अनिवार्यता: मंच ने मांग की है कि किसी भी प्रकार का चुनाव विधिवत ग्राम सभा बुलाकर और पर्याप्त प्रचार-प्रसार के बाद ही किया जाए.
संवैधानिक हस्तक्षेप: कार्यशाला में आए सुझावों के आधार पर जल्द ही राज्यपाल, मुख्यमंत्री और पंचायत राज मंत्री को मांग पत्र सौंपने का निर्णय लिया गया है.

यह भी पढ़ें: झामुमो ने गोड्डा के कद्दावर नेता राजेश मंडल को छह साल के लिए पार्टी से किया आउट

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *