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जमशेदपुर: छोटे विवाद कोर्ट पहुंचने से पहले सुलझेंगे, सामुदायिक मध्यस्थों का प्रशिक्षण पूरा

Jamshedpur: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) एवं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (JHALSA) के निर्देशानुसार नालसा की पायलट परियोजना “सामुदायिक मध्यस्थता :...

Jamshedpur: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) एवं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (JHALSA) के निर्देशानुसार नालसा की पायलट परियोजना “सामुदायिक मध्यस्थता : वाद-मुक्त ग्रामीण भारत की ओर” के तहत तीन दिवसीय आधारभूत मध्यस्थता प्रशिक्षण कार्यक्रम सोमवार को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ. जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पूर्वी सिंहभूम, जमशेदपुर के तत्वावधान में आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 8 अगस्त से 10 अगस्त 2026 तक न्याय सदन के कॉन्फ्रेंस हॉल में चला. इसमें चयनित सामुदायिक मध्यस्थों को समुदाय स्तर पर उत्पन्न होने वाले विवादों के शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए आवश्यक ज्ञान एवं व्यावहारिक कौशल प्रदान किया गया.

मध्यस्थता की प्रक्रिया और भूमिका की दी गई जानकारी

प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पूर्वी सिंहभूम के प्रशिक्षित मध्यस्थों द्वारा किया गया. प्रशिक्षण के दौरान मध्यस्थता की अवधारणा और प्रक्रिया, मध्यस्थ की भूमिका, निष्पक्षता, तटस्थता, गोपनीयता, सक्रिय श्रवण, प्रभावी संवाद, पक्षकारों के हितों की पहचान तथा समाधान के विभिन्न विकल्पों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रतिभागियों को जानकारी दी गई. प्रतिभागियों को व्यावहारिक अभ्यास, संवादात्मक सत्र, केस स्टडी और भूमिका-अभिनय के माध्यम से सामुदायिक विवादों के समाधान की व्यवहारिक जानकारी भी दी गई.

आपसी सहमति से समाधान पर जोर

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को बताया गया कि मध्यस्थ का कार्य किसी एक पक्ष के पक्ष या विपक्ष में निर्णय देना नहीं है. मध्यस्थ दोनों पक्षों के बीच संवाद स्थापित कर उन्हें आपसी सहमति से स्वीकार्य समाधान तक पहुंचने में मदद करता है. इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण और सामुदायिक स्तर पर छोटे-छोटे विवादों का प्रारंभिक स्तर पर ही संवाद एवं मध्यस्थता के माध्यम से समाधान सुनिश्चित करना है. इससे अनावश्यक मुकदमों को कम करने और “वाद-मुक्त ग्रामीण भारत” के लक्ष्य को साकार करने में मदद मिलने की उम्मीद है.

प्रशिक्षकों ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन 10 अगस्त 2026 को हुआ. समापन अवसर पर डालसा सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी सहित प्रशिक्षक के रूप में के.के. सिन्हा, तरित वरण कर, राजेश दास और कृष्णा जी प्रसाद मुख्य रूप से उपस्थित रहे. प्रशिक्षकों ने सामुदायिक मध्यस्थों को विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए आवश्यक व्यवहारिक पहलुओं की जानकारी दी.

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