News Wave Desk : अमेरिका ईरान युद्ध रोकने की एक और कोशिश असफल रही. जहां डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल के जरिये जानकारी दी कि लड़ाई खत्म करने के लिये वाशिंगटन के शांति प्रस्ताव पर ईरान के प्रतिक्रिया की समीक्षा की गयी. जिसमें ईरान का रवैया अमेरिका को बिलकुल पंसद नहीं आया. और यह अमेरिका को बिलकुल अस्वीकार्य है.
ट्रंप ने सोशल मीडिया में बयान जारी करते हुए कहा कि ईरान के प्रतिनिधियों ने अमेरिका के उम्मीदों के अनुरूप जवाब नहीं दिया है. ईरान 47 सालों से पूरी दूनिया को सिर्फ देरी का खेल दिखा रहा है. जो बिलकुल गलत है. ईरान पूरी दुनिया को गुमराह कर रहा है. ईरान ने अमेरिका का मजाक बनाया है. जिसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. ओबामा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बराक ओबामा के कारण तेहरान को दोबारा उभरने का मौका मिला.
ईरान के पक्ष में थे ओबामा
ओबामा में कटाक्ष करते हुए ट्रंप ने लिखा कि ईरान की टालमटोल नीति के बावजूद ओबामा ने ईरान को मौका दिया. सिर्फ ओबामा की नरम नीति नहीं बल्कि वे पूर्ण रूप से ईरान के पक्षधर हो गये थे. उन्होंने इजरायल और दूसरे सहयोगी देशों को नजरअंदाज कर दिया और ईरान को फिर से मजबूत होने का बड़ा मौका दिया.

ये थी ईरान की शर्तें
पाकिस्तार के जरिये अमेरिका तक इस प्रस्ताव को पहंचाया गया. जहां ईरान ने शर्त रखी थी कि ईरान ने लेबनान सहित उन सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म करने की मांग की, जहां इजरायल और ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के बीच संघर्ष जारी है. इसके अलावा तेहरान प्रतिबंधों से राहत चाहता है. ईरान चाहता था कि अमेरिकी विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय और ईरानी तेल की बिक्री पर लगे प्रतिबंधों को कम से कम 30 दिनों के लिए हटा दे.
प्रस्ताव में तेहरान ने समुद्री मार्गों पर लगी नाकाबंदी को खत्म करने पर जोर दिया . वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक, ईरान ने यूरेनियम के भंडार को कम करने और बाकी सामग्री को किसी तीसरे देश को भेजने का प्रस्ताव भी दिया था.
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