Ranchi: रांची के रिम्स (RIMS) में लगभग 7 एकड़ अधिग्रहित जमीन की फर्जीवाड़े के जरिये खरीद-बिक्री करने की आरोपी सुमित्रा बड़ाइक ने एसीबी कोर्ट में अपनी अग्रिम जमानत की गुहार लगाई है. सुमित्रा बड़ाइक की अग्रिम जमानत याचिका पर सोमवार को सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान एसीबी और बचाव पक्ष की ओर से जवाब दाखिल किया गया जिसके बाद कोर्ट ने इस मामले में अगली सुनवाई के लिए 14 मई की तिथि निर्धारित की है. इससे पहले ACB ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पिछले महीने 4 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
16 सरकारी अधिकारी-कर्मचारी भी रडार पर
यह मामला फर्जी वंशावली बनाकर सरकारी जमीन बेचने से जुड़ा है, जिसमें 16 सरकारी अधिकारी-कर्मचारी भी रडार पर हैं. झारखंड हाईकोर्ट के सख्त आदेश के बाद यह जांच की जा रही है.एसीबी ने फर्जी वंशावली तैयार करने वाले कार्तिक बड़ाईक, राज किशोर बड़ाईक, चेतन कुमार और राजेश कुमार झा को गिरफ्तार किया है. अब तक की जांच में यह खुलासा हुआ है कि भू-माफियाओं ने 1964-65 में अधिग्रहित रिम्स की जमीन को फर्जी दस्तावेजों के सहारे निजी संपत्ति बताकर बिल्डरों को करीब 31 लाख रुपये में बेचा था.

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