Newswave Desk: अगर आपने महीनों पहले ट्रेन का कन्फर्म टिकट बुक कराया हो और सफर के दौरान TTE आपसे भारी जुर्माना वसूल ले, तो जाहिर है आप भी हैरान रह जाएंगे. हाल ही में ऐसा ही एक मामला सामने आया, जहां एक महिला AC 2 टियर में कन्फर्म टिकट होने के बावजूद 2560 रुपये का जुर्माना भरने पर मजबूर हो गई. सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि महिला का टिकट पूरी तरह वैध था, लेकिन जुर्माने की रकम उसके टिकट किराए से लगभग दोगुनी थी. ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर गलती कहां हुई.
दरअसल, महिला ने अपना टिकट भारतीय रेल के राइका बाग जंक्शन (RKB) से बुक कराया था, लेकिन वह वहां से ट्रेन में सवार नहीं हुई. करीब दो घंटे बाद उसने पाली मारवाड़ स्टेशन से ट्रेन पकड़ी. महिला के तय स्टेशन से ट्रेन में सवार नहीं होने पर रेलवे स्टाफ ने उसके टिकट स्टेटस को NT (Not Turned Up) मार्क कर दिया. इसका मतलब होता है कि यात्री अपने बोर्डिंग स्टेशन से ट्रेन में नहीं चढ़ा. इसके बाद रेलवे ने उसकी सीट RAC यात्री को अलॉट कर दी.

जब महिला बाद में ट्रेन में अपनी सीट पर पहुंची तो TTE ने बताया कि उसकी सीट किसी दूसरे यात्री को दी जा चुकी है. चूंकि उसने बिना आधिकारिक प्रक्रिया पूरी किए दूसरे स्टेशन से ट्रेन पकड़ी थी, इसलिए इसे नियमों का उल्लंघन माना गया और उस पर जुर्माना लगा दिया गया.
क्या कहते हैं रेलवे के नियम?
यात्री को उसी स्टेशन से ट्रेन पकड़नी होती है, जहां से टिकट बुक कराया गया हो.
अगर बोर्डिंग स्टेशन बदलना है तो चार्ट बनने से पहले बदलाव करना जरूरी है.
यात्री IRCTC या रिजर्वेशन काउंटर के जरिए बोर्डिंग पॉइंट बदल सकता है.
ट्रेन खुलने से 30 मिनट पहले तक बोर्डिंग स्टेशन बदलने की सुविधा मिलती है.
अगर यात्री इन नियमों का पालन नहीं करता, तो रेलवे सीट को खाली मानकर किसी दूसरे यात्री को आवंटित कर सकता है और जुर्माना भी लग सकता है.
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