News Wave Desk : पेट्रोल डीजल के बढ़ते दामों के बीच रोजमर्रा के चीजों के महंगे होने की संभावना तेज हो गयी है. इन चीजों में साबुन से लेकर डिटर्जेंट, बिस्किट, पैकेज्ड फूड आइटम्स और ड्रिंक्स आदि महंगे हो सकते है. कीमत में उछाल की प्रमुख वजह पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि है. इससे अन्य चीजों के ट्रांसपोर्टेशन में अब असर पड़ने लगा है.
प्रभावित हो रही सेवाएं
पेट्रोल डीजल की कीमतों में वृद्धि से कंपनियों के उपर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है.
लॉजिस्टिक्स पर बढ़ता खर्च, करेंसी की कीमत में गिरावट और भू-राजनीतिक तनाव के बीच ग्लोबल सप्लाई चेन में आई रुकावटों से कंपनियों को मुनाफा कम हो रहा है. यह दबाव फूड, पर्सनल केयर, बेवरेज और घरेलू प्रोडक्ट्स जैसे सभी सेक्टर्स में महसूस किया जा रहा है. ऐसे में मुनाफा के लिये कंपनियां कीमतों में वृद्धि कर रही है. या उसी कीमत पर प्रोडक्ट के वजन में कटौती कर रही है.

ये चीजों होंगी प्रभावित
डिश वॉश और हैंडवॉश इनकी पैकेजिंग और ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट बढ़ने से कीमतों में 5 से 10 फीसदसी की बढ़ोतरी हो सकती है.
साबुन और डिटर्जेंट पाम ऑयल का इस्तेमाल किया जाता है. लीनियर अल्काइल बेंजीन की कीमतें अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ रही हैं.
बिस्किट और नमकीन आटे, चीनी और पाम ऑयल की बढ़ती कीमतों का असर बिस्किट या नमकीन बनाने वाली कंपनियों के प्रोडक्ट्स पर पड़ सकता है. कंपनियां या तो दाम बढ़ाएंगी या पैकेट का वजन कम करेंगी.
पैकेज्ड फूड फ्रोजन फूड और इंस्टेंट नूडल्स के दाम भी बढ़ सकते हैं.
सॉफ्ट ड्रिंक्स और जूस गर्मी के सीजन में मांग बढ़ने और प्लास्टिक बॉटल की मैन्युफैक्चरिंग महंगी होने से इनके रेट बढ़ सकते हैं.
चाय और कॉफी लॉजिस्टिक्स खर्च बढ़ने से इनके पैक भी महंगे हो सकते हैं.
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