Ranchi : झारखंड पुलिस में पदस्थापित एएसआई महेंद्र रजक ने सार्जेंट मेजर मंशू गोप पर गंभीर आरोप लगाया है. एएसआई महेंद्र रजक चाईबासा जिले में वर्तमान समय में पोस्टेड हैं. उनकी पत्नी का निधन हो गया. एएसआई ने पत्नी की मौत का जिम्मेदार सार्जेंट मेजर मंशू गोप और एएसआई मनोज कुमार पर लगाया है. फिलहाल ये दोनों भी चाईबासा जिले में पोस्टेड हैं. एएसआई महेंद्र रजक ने कहा कि चार महीने से वेतन नहीं मिला है. जिसके कारण सही समय पर उनकी पत्नी का इलाज नहीं हो सका. मैंने अपनी पत्नी की इलाज के लिए सार्जेंट मेजर मंशू गोप को आवेदन दिया था, लेकिन उन्होंने अन्य कर्मियों को अवकाश दिया. लेकिन मुझे अवकाश नहीं दिया. इसके बाद मैंने एसपी को आवेदन दिया. तब जाकर पत्नी को इलाज के लिए ले गया.
पैसे के आभाव में पत्नी की मृत्यु हो गयी
एएसआई महेंद्र रजक ने बताया कि सार्जेंट मेजर गोप एक भ्रष्ट और तानाशाह मेजर है. मैं अपनी पत्नी की मौत का जिम्मेवार जीवनभर सार्जेंट मेजर मंशू गोप और एएसआई मनोज कुमार को मानता रहूंगा. मैंने कई बार लेखा शाखा प्रभारी, मेजर साहब को अनुरोध किया कि मुझे पैसे की बहुत आवश्यकता है. अंततः मेरी पत्नी का पैसे के अभाव में देहांत हो गया.

बार बार किया प्रताड़ित
सार्जेंट मेजर मंशू गोप ने मुझे बार बार प्रताड़ित किया. बिना वरीय पदाधिकारी के आदेश के मेरा बक्सा चेक किया. कई बार गाली गलौज करते हुए मुझे क्लब से बाहर निकाल दिया. कई बार अपने कार्यालय में मेरे साथ गाली गलौज किया गया. ं जाति सूचक शब्द का प्रयोग किया गया. जिसकी सूचना मैंने पुलिस एसोसिएशन को दी है. मैं एएसआई मनोज कुमार और परिचारी प्रवर मंशू गोप के खिलाफ पुलिस महानिरीक्षक झारखंड रांची, पुलिस उपमहानिरीक्षक कोल्हान क्षेत्र चाईबासा, पुलिस अधीक्षक महोदय चाईबासा, झारखंड पुलिस एसोसिएशन रांची समेत अन्य कई जगह शिकायत की है लेकिन अब तक कोई कार्यवाई नहीं हुई है. कई बार सार्जेंट मेजर मंशू गोप ने मुझे बिना वरीय पदाधिकारी के आदेश के अपने कार्यालय में बुलाकर वर्दी चेक किया और गाली गलौज किया गया है.
मामला जांच का विषय है
एएसआई महेंद्र रजक अपनी पत्नी की इलाज के लिए पुलिस एसोसिएशन, चाईबासा के जिला कल्याण कोष से एक लाख कर्ज के रूप में सहायता के लिए अनुरोध किया गया था. लेकिन इस आवेदन को अस्वीकृत कर दिया गया. झारखंड पुलिस एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल मुर्मू ने कहा कि इस मामले की जानकारी मिली है. इस मामले में रिपोर्ट मांगी गई है. वहीं, इस मामले को लेकर सार्जेंट मेजर मंशू गोप ने बताया कि गाली गलौच का मामला बेबुनियाद है. यह सभी मामला जांच का विषय है.
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