Newswave Desk: मरीजों की देखभाल से लेकर इमरजेंसी परिस्थितियों में स्वास्थ्य व्यवस्था संभालने तक नर्सें हेल्थ सिस्टम की रीढ़ मानी जाती है, और हर साल 12 मई को दुनियाभर में इंटरनेशनल नर्सेज डे मनाया जाता है. यह दिन नर्सों की मेहनत, समर्पण और स्वास्थ्य सेवाओं में उनके अहम योगदान को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है.
इस साल International Nurses Day 2026 की थीम “Our Nurses. Our Future. Empowered Nurses Save Lives” रखी गई है. यह थीम नर्सों को बेहतर संसाधन, सम्मान और सुरक्षित कार्य वातावरण देने की जरूरत पर जोर देती है.

भारत में भी नर्सिंग प्रोफेशन तेजी से आगे बढ़ रहा है. सरकारी अस्पतालों से लेकर प्राइवेट हेल्थ सेक्टर तक नर्सों की मांग लगातार बढ़ रही है. उनकी सैलरी अनुभव, योग्यता, शहर और अस्पताल के प्रकार के आधार पर तय होती है.
शुरुआती स्तर पर कितनी होती है सैलरी ?
भारत में 0 से 3 साल के अनुभव वाली स्टाफ नर्स की सैलरी आमतौर पर 10 हजार से 15 हजार रुपये प्रति माह होती है. वहीं होम नर्स को शुरुआती दौर में 9 हजार से 16 हजार रुपये तक वेतन मिलता है.
अगर नर्स के पास 4 से 7 साल का अनुभव है और वह ऑपरेशन थिएटर (OT) में काम कर रही है, तो उसकी सैलरी 14 हजार से 25 हजार रुपये तक हो सकती है. वहीं ICU/CCU जैसी स्पेशलाइज्ड यूनिट में काम करने वाली नर्सों की कमाई 16 हजार से 25 हजार रुपये प्रतिमाह तक पहुंच सकती है.
सरकारी अस्पतालों में कितनी मिलती है सैलरी ?
All India Institute of Medical Sciences, Employees’ State Insurance Corporation, Indian Railways के अस्पतालों और राज्य सरकार के मेडिकल संस्थानों में नर्सिंग की नौकरी को काफी सुरक्षित माना जाता है.
यहां नर्सिंग ऑफिसर की बेसिक सैलरी करीब 44,900 रुपये से शुरू होती है. इसमें डीए, एचआरए, नर्सिंग अलाउंस और अन्य भत्ते जोड़ने के बाद कुल वेतन करीब 1 लाख रुपये प्रति माह तक पहुंच सकता है. वहीं राज्य सरकार के अस्पतालों में नर्सों की सैलरी आमतौर पर 55 हजार से 85 हजार रुपये प्रति माह होती है. इसके अलावा सरकारी नौकरी में पेंशन, मेडिकल सुविधाएं और प्रमोशन जैसे कई लाभ भी मिलते हैं.
प्राइवेट अस्पतालों में कितना मिलता है वेतन ?
प्राइवेट सेक्टर में सैलरी अस्पताल और शहर के हिसाब से अलग-अलग होती है. छोटे अस्पतालों और क्लीनिक में शुरुआती सैलरी कम हो सकती है, लेकिन Apollo Hospitals, Fortis Healthcare और Max Healthcare जैसे बड़े कॉरपोरेट अस्पताल अनुभवी और स्पेशलाइज्ड नर्सों को बेहतर पैकेज ऑफर करते हैं.
नई नर्सों की सैलरी प्राइवेट अस्पतालों में करीब 30 हजार से 50 हजार रुपये प्रतिमाह तक हो सकती है. Delhi, Mumbai, Bengaluru और Hyderabad जैसे बड़े शहरों में नर्सों को अपेक्षाकृत ज्यादा वेतन मिलता है. दिल्ली और मुंबई में कई नर्सों की सैलरी 40 हजार रुपये प्रति माह या उससे अधिक भी होती है.
ALSO READ: EXCLUSIVE: ACB ने मांगी नामकुम की तत्कालीन CO श्वेता वर्मा और कर्मचारी दीपक के खिलाफ PE की मंजूरी
