News Wave Desk : देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी 2026 पर केंद्र सरकार ने 3 मई को आयोजित हुई इस परीक्षा को पूरी तरह रद्द करने का निर्णय लिया है. पेपर लीक की गंभीर आशंकाओं और चौतरफा बढ़ते दबाव के बीच, शिक्षा मंत्रालय की हरी झंडी मिलते ही नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने यह सख्त कदम उठाया.
अब आगे क्या
एनटीए ने आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि परीक्षा की शुचिता और छात्रों के भविष्य को देखते हुए इसे रद्द करना आवश्यक था. वर्तमान में जांच एजेंसियां लीक के तार खंगाल रही हैं, वहीं एनटीए ने भरोसा दिलाया है कि री-एग्जाम (दोबारा परीक्षा) की नई तारीखों का ऐलान बेहद जल्द किया जाएगा.

छात्रों में आक्रोश और असमंजस
3 मई को देश भर के केंद्रों पर परीक्षा दे चुके अभ्यर्थियों के लिए यह खबर किसी झटके से कम नहीं है. एक ओर जहां धांधली की खबरों से ईमानदार छात्र डरे हुए थे, वहीं अब दोबारा परीक्षा की तैयारी का मनोवैज्ञानिक दबाव भी उन पर बढ़ गया है.
मामले की जांच सीबीआई को दी गयी
नीट यूजी परीक्षा 2026 पेपर लीक मामले की बजांच सीबीआई को दी गयी है. एनटीए ने बताया है कि पेपर लीक को लेकर काफी असमंजस की स्थिति थी. सीबीआई को पहले ही जांच का आदेश दिया गया है. 8 मई को परीक्षा से मामले की जांच के लिये सीबीआई को भेजा गया. इसके बाद केंद्रीय एजेंसियों से मिले इनपुट की जांच की समीक्षा की गयी. जिसके बाद परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया.
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