Delhi/Ranchi: हाथियों के संरक्षण और उनके प्राकृतिक आवासों की रक्षा की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दाखिल की गई है. यह याचिका सेव एलीफेंट फाउंडेशन ट्रस्ट की ओर से दायर की गई है. इस याचिका में केंद्र सरकार के साथ-साथ झारखंड सरकार, बंगाल सरकार, उड़ीसा सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार को भी पार्टी बनाया गया है.
याचिका में कहा गया है कि ओडिशा, झारखंड और पश्चिम बंगाल के जंगल आपस में जुड़े हैं. एशियाई हाथी भोजन और पानी की तलाश में लगातार इन राज्यों के बीच आवाजाही करते हैं. इसलिए हाथियों के इस पारंपरिक मार्ग को सुरक्षित करने के लिए झारखंड की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है. लेकिन झारखंड, छत्तीसगढ़, बंगाल और उड़ीसा लंबे समय से मानव-हाथी संघर्ष का दंश झेल रहा है.

जंगलों की कटाई और बढ़ते खनन के कारण हाथी आबादी वाले क्षेत्रों का रुख कर रहे हैं. इतना ही नहीं बिजली के तारों की चपेट में आने, रेल दुर्घटनाओं और शिकार के कारण हाथियों की मौत के मामले लगातार सामने आते रहे हैं. याचिका में इन अस्वाभाविक मौतों को रोकने के लिए सख्त नीतियां बनाने की मांग की गई है. इसलिए अदालत से एक व्यापक एक्शन प्लान बनाने का आग्रह किया है. इसके लिए झारखंड के वन विभाग और प्रशासनिक तंत्र को ओडिशा एवं अन्य सीमावर्ती राज्यों के साथ मिलकर एक साझा और एकीकृत नीति पर काम करने का निर्देश देने की मांग की गई है.
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